
सीमावर्ती तनोट गांव में एक माह से जलापूर्ति बंद होने के कारण आमजन परेशान और पशुधन व्याकुल है। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते गांव में बनी जीएलआर लाइनों का पानी सूखने के कारण गर्मी की शुरुआत में ही पेयजल की अपर्याप्तता ने आम जीवन को प्रभावित कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को कई बार इस समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन सुधार की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पानी की टूटी लाइनों से न केवल बहता पानी बर्बाद हो रहा है, बल्कि पीने योग्य जल की कमी के कारण लोग महंगे टेंकर पानी पर निर्भर हो गए हैं। पानी का यह संकट गांव के निवासियों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी गंभीर समस्या बन चुका है, जिससे उन्हें बार-बार ठोकरें खाने की चिंता है। साथ ही, तनोट गांव में जब-कभार थोड़े पानी की बूंदे उपलब्ध होती हैं, तो वह भी ग्रामीण महिलाएं जीएलआर के ऊपरी हिस्से से लेकर भरने के लिए मजबूर होती हैं, जिससे हादसे का भी खतरा मंडरा रहा है। रामगढ़ और नजदीकी ढाणियों में भी इसी प्रकार के संकट ने आम जन को परेशान कर दिया है।
Published on:
11 Apr 2025 10:15 pm
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