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जे को चवंदो झूलेलाल, तेंजां थिंदा बेड़ा पार’….

सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव चेटीचंड का पर्व जैसलमेर में धार्मिक श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया।

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सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव चेटीचंड का पर्व जैसलमेर में धार्मिक श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। झूलेलाल सिंधी पंचायत, राजस्थान सिंधी अकादमी और सिन्धु युवा मंडल के तत्वावधान में शोभायात्रा, भजन संध्या और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। रविवार सुबह गांधी कॉलोनी स्थित झूलेलाल मंदिर में ध्वजारोहण के साथ उत्सव की शुरुआत हुई। इस अवसर पर 'आयो लाल, झूलेलाल' और 'जे को चवंदो झूलेलाल, तेंजां थिंदा बेड़ा पार' के जयघोष गूंज उठे। इसके बाद विशेष आरती-पूजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। लखन वाधवानी, कुंदनलाल वाधवानी, भगवानदास बृजाणी, हीरालाल साधवानी और संगीता हरवानी ने भजनों की प्रस्तुति देकर भक्तिमय माहौल बना दिया।

शोभायात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब

सुबह 9:00 बजे शोभायात्रा निकाली गई, जो हनुमान चौराहा, गांधी चौक, सदर बाजार, गोपा चौक, आसनी रोड होते हुए गड़ीसर सरोवर पहुंची। शोभायात्रा में डांडिया नृत्य करते हुए युवाओं ने उल्लास बिखेरा, वहीं महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक परिधानों में 'हाथी घोड़ा पालकी, जय झूलेलाल की' के जयघोष करते हुए भगवान झूलेलाल की झांकी के साथ नगर भ्रमण किया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।

खेल प्रतियोगिताओं में बच्चों और युवाओं ने दिखाया जोश

सिन्धु भवन में आयोजित जलेबी रेस, चम्मच दौड़, म्यूजिकल चेयर और एकल प्रतिभा प्रदर्शन प्रतियोगिताओं में बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। विधायक छोटूसिंह भाटी ने विजेताओं को पुरस्कृत किया, जबकि नगरपरिषद के पूर्व सभापति हरिवल्लभ कल्ला ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

गड़ीसर सरोवर में अमृत-ज्योति प्रवाहित कर हुआ समापन

शाम को गड़ीसर सरोवर पर भगवान झूलेलाल की विशेष आरती की गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने अमृत-ज्योति प्रवाहित कर समाज की समृद्धि, राष्ट्रीय उन्नति और विश्व शांति की प्रार्थना की। इस मौके पर विभिन्न समुदायों के लोगों ने सिन्धी समाज को चेटीचंड पर्व की बधाइयां दीं।