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वन्यजीवप्रेमियों ने की पेयजल की व्यवस्था, वन्यजीवों को मिलेगी राहत

वन्यजीवप्रेमियों ने की पेयजल की व्यवस्था, वन्यजीवों को मिलेगी राहत
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वन्यजीवप्रेमियों ने की पेयजल की व्यवस्था, वन्यजीवों को मिलेगी राहत

वन्यजीवप्रेमियों ने की पेयजल की व्यवस्था, वन्यजीवों को मिलेगी राहत

लाठी. क्षेत्र के खुले मैदानों में स्वच्छंद विचरण करने वाले वन्यजीवों के लिए वन्यजीवप्रेमी आगे आए है और उनके लिए पेयजल की व्यवस्था की है। गौरतलब है कि लाठी व आसपास के गांव वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र है। भीषण गर्मी व अकाल की स्थिति में तालाबों, नाडियों में पानी सूख चुका है और टांके, खेलिया आदि सूखे पड़े है। वन्यजीवों के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण आए दिन वे काल का ग्रास हो रहे थे। इसी को लेकर राजस्थान पत्रिका के 30 अप्रेल के अंक में 'वन्यजीवों के लिए नहीं पेयजलÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसके बाद जिम्मेदार तो हरकत में नहीं आए, लेकिन क्षेत्र के वन्यजीवप्रेमियों ने आगे आकर पानी की व्यवस्था को लेकर बीड़ा उठाया है। वन्यजीवप्रेमियों ने वन्यजीवों के लिए क्षेत्र में सूखे पड़े तालाबों, नाडियों, पशुखेलियों व तालाबों में टैंकरों से पानी डालने की शुरुआत की है। क्षेत्र के लाठी, धोलिया, गंगाराम की ढाणी, खेतोलाई सहित विभिन्न गांवों में वन्यजीवप्रेमियों व भामाशाहों ने संयुक्त रूप से वन्यजीवों को राहत पहुंचाने के प्रयास शुरू किए है। अखिल भारतीय जीवरक्षा विश्रोई सभा के जिलाध्यक्ष राधेश्याम विश्रोई ने बताया कि भामाशाहों से संपर्क कर प्रभावित स्थानों पर पानी की व्यवस्था शुरू हो चुकी है। उन्होंने राज्य सरकार से आगामी दो-तीन दिनों में बजट जारी नहीं करने पर वन विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। क्षेत्र के वन्यजीवप्रेमियों एवं भामाशाहों ने वन्यजीवों के लिए नियमित पानी की व्यवस्था की है। जिलाध्यक्ष विश्रोई ने बताया कि गांवों में परिण्डे लगाने के साथ वन्यजीवों के लिए प्रतिदिन पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।