
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालौन में आज 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्स्प्रेस वे का उद्घाटन किया है। इस दौरान उन्के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। बुंदेलखंड प्रदेश का छठा एक्स्प्रेस होगा। पीएम मोदी के बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के उद्धाटन के साथ ही लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल जाएगी। चित्रकूट से दिल्ली पहुंचने में अब तक 11-12 घंटे लगते थे। लेकिन एक्सप्रेस वे ने यात्रा का समय कम कर दिया है। एक्सप्रेस वे सात जिलों से होकर गुजरेगा। चित्रकूट से बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया होते हुए इटावा तक लोगों को बेहतरीन ड्राइविंग एक्सपीरियंस मिलेगा। इस एक्सप्रेस वे पर चित्रकूट से दिल्ली तक की यात्रा मात्र 6 घंटे में पूरी हो जाएगी।
बुंदेलखंड को औद्योगिक गति प्रदान करेगा यह एक्सप्रेस वे
296 किलोमीटर लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे राज्य में 14, 850 करोड़ रुपये के निवेश से निर्मित चार लेन के साथ परिवहन सेवाओं की सुविधा प्रदान करेगा। पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि एक्सप्रेस वे बुंदेलखंड की गौरवशाली परंपरा को समर्पित है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से चित्रकूट से दिल्ली की दूरी तो 3-4 घंटे कम हुई ही है, लेकिन इसका लाभ इससे भी कहीं ज्यादा है। यह एक्सप्रेस वे सिर्फ वाहनों को गति नहीं देगा बल्कि पूरे बुंदेलखंड की औद्योगिक प्रगति को गति देगा। विकास की जिस धारा पर देश चल रहा है उसके मूल में दो पहलू हैं। एक है इरादा और दूसरा है मर्यादा। हम देश के वर्तमान के लिए नई सुविधाएं ही नहीं गढ़ रहे बल्कि देश का भविष्य भी गढ़ रहे हैं।
यूपी की अर्थव्यवस्था को नया आयाम देगा एक्सप्रेस वे
उद्घाटन से पहले सीएम योगी ने इस बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की कई सारी खूबियां गिनाईं। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि 'विकास की धुरी बनेगा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे'। बता दें बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को बनाने के लिए 36 महीने का निर्माण का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन ये तय वक्त से पहले ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार है।
एक्सप्रेस वे की खास बातें
शिलान्यास- 29 फरवरी, 2020
लंबाई- 296 किलोमीटर
ढांचा- चार लेन चौड़ा, चार रेलवे ओवरब्रिज, 14 बड़े पुल, चार टोल प्लाजा, सात रैंप प्लाजा, 268 छोटे पुल, 18 फ्लाईओवर और 214 अंडरपास।
एक्सप्रेस वे से होंगे ये फायदे
- कृषि, वाणिज्य और पर्यटन के लिए राह आसान
- बुंदेलखंड के 138, इटावा और औरैया के 40 से अधिक गांव का सीधा जुड़ाव
- सात जिलों से होकर जुड़ेगा यह एक्सप्रेस वे
- युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे माध्यम
बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से जुड़ी कुछ रोचक बातें
- एक्सप्रेस वे की डिजाइन इंटरनेशनल कांटिनेंटल कंसल्टेंट एंड टेक्नोक्राफ्ट संस्था ने बनाई है।
- पूरे एक्सप्रेस वे में मेटल क्रास बैरियर लगाए गए हैं।
- एक्सप्रेस वे में सामने से आ रही वाहनों की लाइट का प्रभाव न पड़े इसके लिए विशेष प्रकार के रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं।
- एडवांस टोल सिस्टम को भी लागू किया गया है।
- एक्सप्रेस वे को एप्पो कंपनी, अशोका बिल्डकान, ग्वार कंस्ट्रक्शन और दिलीप बिल्डकान ने बनाया है।
Published on:
16 Jul 2022 02:01 pm
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