प्रशासन ने बढ़ाए हाथ, भाइयों ने भी की मदद

प्रशासन ने बढ़ाए हाथ, भाइयों ने भी की मदद
प्रशासन ने बढ़ाए हाथ, भाइयों ने भी की मदद

Dharmendra Ramawat | Updated: 19 Mar 2019, 10:50:43 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक पहुंचे पीडि़त बीपीएल परिवार के पास

खबर का असर
जालोर. सूरजपोल स्थित नगरपरिषद की छोटी सी धर्मशाला में निवासरत एक बीपीएल परिवार की पीड़ा जानने के लिए आखिरकार सोमवार को प्रशासन ने हाथ बढ़ाते हुए परिवार की स्थिति जानी। वहीं इस परिवार की हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया। बता दें कि पत्रिका ने सोमवार के अंक में 'आखिरी सांस तक जमीन के टुकड़े के लिए लड़ते रहे, मिला सिर्फ आश्वासनÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि करीब 18 वर्ष से यह बीपीएल परिवार सूरजपोल स्थित नगरपरिषद की छोटी सी धर्मशाला में रहता है। वहीं परिवार के लोगों का नाम बीपीएल लिस्ट में होने के बावजूद आज तक आवास सहित विभिन्न सरकारी सुविधाएं नहीं मिल पाई है। इसके बाद सोमवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक डॉ. करतारसिंह मीणा पीडि़त परिवार के अस्थाई आवास पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली। उनकी ओर से विभिन्न सरकारी सहायता को लेकर रिपोर्ट बनाकर कलक्टर को पेश की जाएगी।
बेटी की शादी के लिए मिलेगी राशि
सामाजिक न्याय एवं अधिकारित विभाग के सहायक निदेशक डॉ. मीणा ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है। वहीं बीपीएल गोदावरी देवी की वृद्धावस्था पेंशन को विधवा पेंशन योजना में बदला जाएगा। वहीं उनके बच्चे को पालन हार योजना से भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि विभागीय योजना के तहत बेटी की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर शादी के लिए भी नियमानुसार राशि दी जाएगी।
भाइयों भी आए मदद के लिए आगे
पीडि़त परिवार के मुखिया स्व. निर्भयदास के भाई घीसूदास के पुत्र प्रवीण वैष्णव ने बताया कि गुर्जरों का वास में उसका मकान है। जहां भाई के परिवार के सभी लोग अस्थाई तौर पर रह सकते हैं। सोमवार को गोदावरी देवी व उनकी बेटियां भी इसके बाद यहां पहुंची। वैष्णव ने बताया कि सरकारी योजना के तहत उन्हें भूखंड आवंटित होता है तो इससे स्थायी आवास की सुविधा मिल सकेगी।
इनका कहना...
पीडि़त परिवार के आवास स्थल का मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की गई है। वृद्धावस्था पेंशन योजना से विधवा पेंशन योजना में पीडि़ता को जोड़ा जाएगा। साथ ही बच्चे को पालनहार योजना में जोडऩे के साथ बेटी की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर शादी के दौरान राशि दी जाएगी। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी विकट है। रिपोर्ट कलक्टर को भेजी जाएगी।
- डॉ. करतारसिंह मीणा, सहायक निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारित विभाग, जालोर
रिपोर्ट मंगवाई है
नगरपरिषद की ओर से पीडि़त परिवार की वास्तविक रिपोर्ट मंगवाई गई है। रिपोर्ट के आधार पर नगरपरिषद किसी ना किसी योजना के तहत भूखंड आवंटन के प्रयास केरगी।
- शिकेश कांकरिया, आयुक्त नगरपरिषद, जालोर

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