
शहर के गौशाला रोड राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पास इंदिरा उद्यान पर एक व्यक्ति का कब्जा
भीनमाल. बच्चों के खेलने-कूदने के लिए शहर में उद्यान बनाकर शिक्षा विभाग को भेंट कर व बाद में बगीचें की रखवाली के नाम पर बालोद्यान पर कब्जा चल रहा है। इतना ही देखरेख के नाम पर बगीचें में निर्माता परिवार द्वारा एक परिवार को झोपड़ी बनाकर बैठा दिया है। ऐसे में शहर के बीचों-बीच स्थित यह बगीचा बच्चों व लोगों के लिए कोई काम नहीं आ रहा है। दानदाता ने 1985 में शहर के गायत्री मंदिर रोड पर बगीचा बनाकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय गोशाला रोड को भेंट किया, लेकिन कुछ साल बाद यहां पर अपना खुद का व्यक्ति बिठा दिया। उसके बाद यह गार्डन एक परिवार का निवास स्थल बना हुआ है। बगीचें के मुख्य गेट पर हर समय ताला लगा रहता है। महज एक परिवार का यहां पर बसेरा बना हुआ है। ऐसे में यह बगीचा लोगों के सार्वजनिक काम आने की बजाय एक व्यक्ति की निजी संपत्ति बन गई है। इतना कुछ होने के बाद भी शिक्षा विभाग व प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने हुए है। इसके अलावा यहां पर रखवाली कर रहा व्यक्ति कब्जा कर वाहन भी पार्किंग कर रहा है। शहर के गायत्री मंदिर रोड पर दानदाता की ओर से 1985 में बगीचा बनाकर सुपुर्द किया था। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्कूल से अनुमति लेकर बच्चों के खेलने कूदने के लिए बगीचा विद्यालय को भेंट किया था, लेकिन अब एक निजी संपत्ति बन गया है। लोगों ने भी कई बार जिला कलक्टर, उपखण्ड अधिकारी व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर बगीचों को खाली करवाने की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
जमीन कब्जाने का प्रयास
शहर के वार्ड संख्या 15 में गायत्री मंदिर रोड पर करीब दो-तीन बीघा में विद्यालय की जमीन है। यहां पर एक हिस्से में बच्चों के खेलने के लिए बगीचा बना हुआ है। यहां पर जमीनों के दाम बढऩे के साथ ही दानदाता परिवार के लोगों ने एक व्यक्ति को बिठा दिया है। रखवाली के नाम पर किसी को बगीचें के अन्दर तक नहीं जाना दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि बगीचा शहर के बीचों-बीच होने यहां जमीनों के दाम करोड़ों है। ऐसे में रखवाली के नाम पर यह जमीन हड़पना चाहते है। हैरानी की बात तो यह है कि कुछ सालों बाद समाजकंटकों ने यहां पर बना बगीचें के लोकार्पण व विद्यालय को भेंट करने का शिलालेख भी उखाड़ दिया। बगीचें के चारों तरफ महज सुरक्षा दीवार व एक दर्जन पेड़ लगे हुए है।
जीर्णोद्धार पर अड़चन
शहर में कई सामाजिक संस्थाएं इस बगीचे को विकसित करने का प्रयास कर रही है। सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों का कहना है कि बगीचा को पार्क में विकसित कर दिया जाएं तो, यह बगीचों लोगों व बच्चों के मनोरंजन के काम आ सकें। शहर में हिन्दू सेवा समिति, युथ फोर नेशन व हितकारी सेवा संस्था बगीचों को विकसित करना चाह रहे है।
व्यक्ति का है कब्जा
वार्ड में इंदिरा गांधी बालोद्यान है। बगीचें में एक व्यक्ति निवास करता है। हर समय बगीचें के गेट पर ताला जड़ा रहता है। बगीचों को विकसित करने के लिए सामाजिक संस्थान को गोद देना चाहिए।
- सतीश सैन, वार्डवासी
विकसित करवाने के प्रयास किए है
वार्ड के इंदिरा गांधी बालोद्यान में एक परिवार ने बसेरा बना दिया है। यह परिवार दानदाता के द्वारा रखवाली के नाम पर बिठाया है। इसको खाली करवाने के लिए कई बार अधिकारियों को अवगत करवाया है। बगीचा पूरी तरह से उजड़ गया है। बगीचें में किसी को प्रवेश तक नहीं दिया जा रहा है। बगीचें को विकसित करने के लिए कई बार पालिका की बैठक में भी मुद्दा रखा है।
पुखराज विश्नोई, पार्षद, वार्ड संख्या-15
विद्यालय के सरकारी रेकर्ड की जमीन पर 1985 में बगीचा बना हुआ है। बगीचे की जमीन पर रखवाली के नाम पर एक व्यक्ति का निवास बना दिया है। ऐसे में बगीचा विद्यालय के बच्चों व सार्वजनिक उपयोग में काम नहीं आ रहा है।
सुरेश कुमार सोलंकी, प्रधानाध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय गौशाला रोड-भीनमाल
जानकारी लेकर खाली करवाएंगे
बगीचें की जमीन पर किसी व्यक्ति का कब्जा है, तो गलत है। इस संबंध में जानकारी लेकर बगीचे से बेदखल करवाएंगे।
दौलतराम चौधरी, एसडीएम-भीनमाल.
Updated on:
22 Jan 2019 12:09 pm
Published on:
22 Jan 2019 11:42 am
