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जालोर के 100 से ज्यादा एमबीबीएस छात्र चीन में फंसे, कमरों-हॉस्टलों में बंद हैं भारतीय विद्यार्थी

कोरोना वायरस का भय राजस्थान के जालोर जिले के ग्रामीण इलाकों तक पहुंच गया है। सांचौर क्षेत्र के 100 से ज्यादा छात्र चीन में फंसे हुए हैं। वुहान में एमबीबीएस पढ़़ रहे छात्र सुरक्षा कारणों से कमरों व हॉस्टलों में बंद हैं। वहीं, छात्रों के परिजन बेहद चिंतित है।
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जालोर

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Dinesh Saini

Feb 08, 2020

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नैन सिंह राजपुरोहित

जालोर। कोरोना वायरस का भय राजस्थान के जालोर जिले के ग्रामीण इलाकों तक पहुंच गया है। सांचौर क्षेत्र के 100 से ज्यादा छात्र चीन में फंसे हुए हैं। वुहान में एमबीबीएस पढ़़ रहे छात्र सुरक्षा कारणों से कमरों व हॉस्टलों में बंद हैं। वहीं, छात्रों के परिजन बेहद चिंतित है। वुहान की जिमुसी यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस के बाद इंटर्नशिप कर रहे करड़ा गांव के सुनील विश्नोई का कहना है कि संक्रमण के डर से उन्हें हॉस्टल से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।

घर से लाई गईं दालों का सहारा
करीब 20 दिन से जिमुसी के बाजार बंद होने से हॉस्टल में रहने वाले छात्र एक माह का राशन पहले ही ले आए थे। ताजा सब्जियां खत्म होने के बाद वे घर से लाई गई दालें खा रहे हैं। छात्रोंं ने पत्रिका को भेजे वीडियो में बताया कि वे सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि जिमुसी व आसपास में संक्रमण ज्यादा फैल गया तो भारत आएंगे।

क्षेत्र में मांस की दुकानों पर प्रतिबंध
चीन में कोरोना के चलते लोगों को शाकाहार अपनाने की सलाह दी जा रही है। मांस की दुकानोंं पर प्रतिबंध लगा दिया है। सुजोशहर के मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहे जालौर के चितलवाना निवासी राजेशकुमार जांगू ने पत्रिका को फोन पर यह जानकारी दी।

बस सलामत लौट आए
- चीन में कोरोना वायरस की महामारी फैलने के बाद से दिन में दो बार बेटे से बात करता हूं। अब चार माह ही बचे हैं। भगवान करे वह एमबीबीएस कर सही सलामत लौट आए। द्गबाबुलाल जांगू, चीन में एमबीबीएस कर रहे राजेश के पिता

हॉस्टल में बंद
- मेरा भाई जिमुसी यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस पढ़ रहा है। भाई के साथ 24 से अधिक छात्र हॉस्टल में ही बंद है। अलर्ट के समय एक माह की राशन सामग्री लेकर रख दी थी। द्गअरविंद विश्नोई, चीन से एमबीबीएस कर रहे छात्र सुनील के भाई