
- जालोर के जल संसाधन विभाग कार्यालय में रात के समय कंट्रोल रूम में छा जाता है अंधेरा, अधिकारियों का बेतुका तर्क मच्छरों का प्रकोप इसलिए रोशनी बंद करते हैं
गलती छिपाने का बहाना...
जालोर. बारिश की सीजन के दौरान महत्वपूर्ण सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष मच्छरों के डर से रात के समय अंधेरे में डूबा रहता है। सुनने में अजीब जरुर लगेगा, लेकिन यह तर्क जल संसाधन विभाग के अधिकारियों व कार्मिकों का है। उनका कहना है कि रोशनी के चलते मच्छर अधिक हो जाते हैं, जिससे परेशानी होती है। ऐसे में रात को रोशनी बंद कर दी जाती है। रात को 9 बजे के बाद तो हालात ये हो जाते हैं कि मुख्य मार्ग से इस नियंत्रण कक्ष को खोजना नामुमकिन हो जाता है। पिछले कई दिनों से यह सिलसिला जारी है। हकीकत में यहां रात को कार्यरत कार्मिक अपनी सुविधा के लिए अंधेरा करते हैं ताकि इस बहाने से आराम किया जा सके। विभाग के अधिकारी का यह तर्क है कि भीतर रोशनी होने से मच्छरों का डर रहता है तो कार्यालय के मुख्य गेट या परिसर सीमा पर ही रोशनी के प्रबंध क्यों नहीं कर दिए जाते, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा।
मानसून की सीजन के लिए महत्वपूर्ण केंद्र
मानसून सीजन में संभावित हालातों की जानकारी जुटाने और इससे जरुरत पडऩे पर जिला प्रशासन के मार्फत संभावित प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए कंट्रोल रूम को स्थापित किया जाता है। इन जानकारियों के लिए सूचनाओं के आदान प्रदान के सभी संसाधन शुरू भी रहने चाहिए। जिसमें वायरलेस सेट भी मुख्य है, लेकिन वायरलेस सेट का इस साल एक भी बार उपयोग तक नहीं हुआ, इस बार विभाग के लिए सकारात्मक पक्ष केवल इतना ही है कि मानसून के दौरान भारी बारिश ही नहीं हुई। अन्यथा कंट्रोल रूम से महत्वपूर्ण सूचनाओं के आदान प्रदान की संभावना कम ही लग रही थी।
निरीक्षण तक नहीं होता
पिछली सीजन में कंट्रोल रूम पर अनियमितताओं की जानकारी मिलने पर कलक्टर एलएन सोनी ने स्वयं निरीक्षण किया था। उन्होंने विभागीय अधिकारी से विभिन्न स्तर पर जानकारी ली थी और कंट्रोल रूम की खामियों को दूर करते हुए बारिश के दौरान संभावित हालातों से निपटने के लिए तैयारी करने और बाढ़ के हालातों के लिए कार्यालय परिसर में भी मिट्टी के कट्टे तैयार करने के लिए निर्देशित किया था।
मैं तो अभी व्यस्त हूं
रात को मच्छर के चलते लाइट बंद की जाती है, लेकिन अभी दो दिन व्यस्त हूं मुझे अभी किसी तरह की जानकारी नहीं है। दो दिन बाद ही कुछ बता पाऊंगा।
- हरीश शर्मा, एक्सईएन, जालोर
Published on:
29 Aug 2018 10:36 am
