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जिस गांव की लड़कियां हॉकी स्टिक पकड़ने से कतराती थी, राज्य स्तरीय टीम में सर्वाधिक यहीं के खिलाड़ी

रामसीन क्षेत्र के झाक गांव का राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जिला स्तरीय हॉकी खेलकूद प्रतियोगिता के बाद फिर से चर्चा में है। कारण हॉकी में इस विद्यालय ने छात्र वर्ग में छठी बार जिला स्तरीय हॉकी का खिताब जीता है।

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hockey sports competition in jalore

जालोर। जिले के रामसीन क्षेत्र के झाक गांव का राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जिला स्तरीय हॉकी खेलकूद प्रतियोगिता के बाद फिर से चर्चा में है। कारण हॉकी में इस विद्यालय ने छात्र वर्ग में छठी बार जिला स्तरीय हॉकी का खिताब जीता है और इससे भी बड़ी बात यह है कि छात्रा वर्ग में 8वीं बार खिताब अपने नाम किया है। इसके साथ ही प्रत्येक वर्ष राज्य स्तरीय टीम के लिए आधे से अधिक इस विद्यालय के छात्र और छात्राएं चयनित हो रही है।

इस गांव के एक समय यह भी था जब यहां की छात्राएं हॉकी स्टिक पकडऩे से भी डरती थी। लेकिन वर्ष 2012 से इस विद्यालय में बदलाव आया और गांव की लड़कियों ने हॉकी स्टिक भी पकड़ी और लगातार राज्य स्तर के लिए चयनित भी हुई। यहां 2012 में लगे शिक्षक राजेंद्रसिंह मांडोली जो विद्यालय में सामाजिक पढ़ाते है, लेकिन उनका हॉकी प्रति लगाव और जुनून ऐसा था कि उन्होंने झाक के स्कूल में हॉकी के खिलाडिय़ों स्टेट लेवल तक पहुंचा दिया। शिक्षक स्वयं हॉकी में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खेल चुके है, लेकिन उनका ये जज्बा अब स्कूल की छात्र-छात्राओं ने दिखने लगा है। इस बार भी राज्य स्तर के लिए झाक विद्यालय से छात्र वर्ग में 6 लडक़ों व छात्रा वर्ग में 7 लड़कियों का चयन हुआ है।

परिस्थितियां विपरित थी...लेकिन हार नहीं मानी
झाक गांव में 2008 के बाद से हॉकी खेलना बंद हो चुका था। वर्ष 2012 में शिक्षक राजेंद्र सिंह मांडोली की नियुक्ति गांव के राउप्रावि में हुई। शिक्षक ने एक साल के भीतर स्कूल में हॉकी खेलना पुन: शुरू करवाया। लडक़े तो खेलने के लिए तैयार हो गए, लेकिन बालिकाएं तैयार नहीं हुई। बालिकाओं के परिजनों से बात की तो उन्होंने भी इसे खतरनाक खेल बताकर मना कर दिया। ऐसे में शिक्षक ने अभिभावकों से समझाइश कर इसे पुन: शुरू करवाया। शुरुआत में लड़कियां हॉकी स्टिक पकडऩे से भी कतराती थी। फिर शिक्षक के प्रयास रंग लाए और धीरे-धीरे टीम बनी और खेलने की शुरुअता हुई।

ऐसे...करवाया जाता है अभ्यास
सत्र शुरू होने के बाद खेल मैदान में प्रतिदिन 2 घंटे तक खेल का अभ्यास करवाया जाता है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए स्कूल समय बाद शाम को बच्चों को अभ्यास करवाया जाता है। प्रतियोगिता से 2 महीने पहले तैयारी शुरु करवा दी जाती है। खिलाडिय़ों के आवश्यक संसाधनों के लिए शिक्षक ने गांव के युवाओं की समिति माताजी युवा मंडल से सहायता ली। यह समिति बच्चों को आवश्यक संसाधन निशुल्क उपलब्ध करवाता है। इन संसाधनों से यहां के खिलाड़ी तैयार होते है।

इनका राज्य स्तरीय टीम में हुआ चयन
इस बार भी राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता के लिए छात्र वर्ग में करण सिंह, विष्णु कुमार, चंदन सिंह, कुंदन कुमार, भरतसिंह व महेंद्रसिंह का चयन हुआ है। वहीं छात्रा वर्ग में मफरी कुमारी, नीतू कुमारी, भानुमति कंवर, पूजा कंवर, ललिता कुमारी, कविता कंवर व सुहाना बानू चयनित हुई।