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अवैध रूप से सोनोग्राफी मशीन चलाने वाले अस्पताल संचालक व डॉक्टर को जेल भेजा

पीसीपीएनडीटी सैल जयपुर, पाली, सिरोही व जालोर टीम ने गुरूवार शाम को शहर के कृषि मंडी रोड लाइफ लाइन हॉस्पिटल में कार्र्यवाही
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Illegal sonography machine operator and doctor

Illegal sonography machine operator and doctor sent to jail

भीनमाल. पीसीपीएनडीटी सैल जयपुर, पाली, सिरोही व जालोर टीम ने गुरूवार शाम को शहर के कृषि मंडी रोड लाइफ लाइन हॉस्पीटल में कार्र्यवाही करते हुए अवैध रूप से संचालित हो रही सोनोग्राफी मशीन को जब्त कर संचालक व डॉक्टर को गिरफ्तार किया। हॉस्पिटल संचालक व चिकित्सक को शुक्रवार शाम को न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेजा गया। पीसीपीएनडीटी सैल के जिला समन्वयक शंकर सुथार ने बताया कि शहर के लाइफ लाइन हॉस्पीटल में अवैध रूप से सोनोग्राफी मशीन संचालित हो रही है। यह सोनोग्राफी मशीन यहां पर एक एमबीबीएस डॉक्टर चला रहा था। जिस पर टीम में बोगस महिला मरीजो को भेजकर सोनोग्राफी मशीन के संचालित होने का सत्यापन करवाया। महिला की ओर से र्ईशारा मिलते ही टीम ने चिकित्सक को धर दबोचा। टीम का कहना है कि हॉस्पीटल संचालक एमबीबीएस डिग्रीधारी गैर योग्याताधारी चिकित्सक से सोनोग्राफी मशीन के अपड़ट का कार्य करवा रहा था। टीम ने कार्यवाही करते हुए हॉस्पीटल संचालक शहर के हाईस्कूल के पास निवासी मुकेश बाफना पुत्र लालचंद बाफना व गुजरात के पालनपुर निवासी डॉ. गंगाराम प्रजापति को धरदबोचा। दोनों आरोपियों को टीम ने शुक्रवार शाम को न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेजा गया। इसी निजी चिकित्सालय में डेढ साल पूर्व प्रसव के दौरान एक महिला की भी मौत हो चुकी है।
दिनभर शहर में होती रही चर्चा
शहर के लाइफ लाइन हॉस्पीटल में पीसीपीएनडीटी सैल टीम की कार्र्यवाही की चर्चा दिनभर जारी रही। टीम ने जिन हॉटल में आरोपियों को लेकर ठहरे हुए थे। वहां पर दिनभर लोगों भी भीड़ जुटी रही। लाइफ लाइन हॉस्पीटल में कार्यवाही की चर्चाएं शहर में चाय की थड़ी से ऑफिस में भी होती रही।

योजना के प्रचार प्रसार की जरूरत
गौरतलब है कि चिकित्सा विभाग की ओर से ***** परीक्षण के मामले में मुखबीर योजना भी शुरू कर रखी है। जिसके तहत ***** परीक्षण करने वालों की सूचना देने पर निर्धारित राशि बतौर पुरस्कार के रूप में दी जाती है। ऐसे में इस योजना के प्रचार प्रसार की जरूरत है। हालांकि विभाग की ओर से इसके लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं, लेकिन ग्रामीण अंचलों में आज भी लोग इस योजना से अनजान हैं।