नोटबंदी के विरोध में आयोजित धरना बना फ्लॉप शो

Jitesh kumar Rawal | Publish: Nov, 10 2018 07:35:19 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 07:35:20 PM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India


धरना-प्रदर्शन में रही कार्यकर्ताओं की कमी दिखी औपचारिकता

जालोर. नोटबंदी के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कांग्रेस ने शनिवार को जिलास्तरीय प्रदर्शन किया। कलक्ट्री के बाहर सभा आयोजित कर केंद्र सरकार की नीतियों को जमकर कोसा। उधर, जिलास्तरीय कार्यक्रम होने के बावजूद इसमें औपचारिकता दिखी। धरना-प्रदर्शन में न केवल कार्यकर्ताओं की कमी खली बल्कि गिनती के लोग ही पहुंचे, इसमें भी ज्यादातर पदाधिकारी थे। प्रवक्ता योगेन्द्रसिंह कुम्पावत के अनुसार पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल, प्रदेश सचिव जगदीश चौधरी, सवाराम पटेल, सोहनसिंह देवड़ा, भारत कुमार, उमसिंह, लालसिंह, हदमत सिंह, जवानाराम परिहार, आलम खान, रमेश पुरोहित तवाव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
उद्देश्यों पर खरा नहीं उतरे
सुबह कलक्ट्री के बाहर दिए धरने पर जिलाध्यक्ष समरजीत सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि दो वर्ष पहले प्रधानमंत्री ने अचानक नोटबंदी की घोषणा की। जिन उद्देश्यों को लेकर नोटबंदी की गई थी उस पर सरकार खरा नहीं उतर पाई। लोगों को बैंकों में समस्या झेलनी पड़ी। महिलाओं की बचत खो गई। नोटबंदी से उद्योग-व्यापार ठप से हो गए हैं।
पीएम से जवाब मांगा
धरने के बाद कलक्ट्री के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की गई। पदाधिकारियों ने नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री से जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान नोटबंदी के सच्चे लाभार्थी कहां है,
कालाधन बाहर क्यों नहीं आया, पेट्रोल डीजल के दाम क्यों बढ़ रहे हैं जैसे सवाल करते हुए नारेबाजी की गई।
निर्वाचन विभाग के होर्डिंग पर लगाया बैनर
कलक्ट्री के बाहर निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं की जागरूकता के लिए संदेश प्रसारित करते हुए बड़ा होर्डिंग लगा रखा है। कांग्रेस ने इसके नीचे ही अपना धरना दिया और पदाधिकारियों ने इस होर्डिंग पर ही अपना बैनर भी चिपका दिया। बैनर पर पार्टी का नाम व निशान भी अंकित था। कुछ घंटे चले इस धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस का यह बैनर इस होर्डिंग पर चिपका रहा। निर्वाचन विभाग के होर्डिंग पर बैनर लगाना आचार संहिता का उल्लंघन था या नहीं, यह तो पता नहीं पर लोगों में चर्चा का
विषय रहा।

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