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बिना शिक्षक सरकारी स्कूल की बेटी बनी टॉपर, बताए सफलता के मूलमंत्र

RBSE 12th arts Result: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से गुरुवार को बारहवीं कला वर्ग का परिणाम घोषित किया गया। जिले का परिणाम 94.94 प्रतिशत रहा। जालोर पूरे प्रदेश में सातवें पायदान पर रहा। इस बार बेटियां बेटों से आगे रही।

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RBSE 12th arts Result: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से गुरुवार को बारहवीं कला वर्ग का परिणाम घोषित किया गया। जिले का परिणाम 94.94 प्रतिशत रहा। जालोर पूरे प्रदेश में सातवें पायदान पर रहा। इस बार बेटियां बेटों से आगे रही। बेटों का परिणाम 94.01 प्रतिशत रहा, वहीं बेटियों का परिणाम 95.93 प्रतिशत रहा।

सरकारी स्कूल की बेटी रही टॉपर
जिले में इस बार गांव के सरकारी स्कूल की बेटी ने टॉप किया। घर के काम काज में मां का हाथ बंटाने वाली राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय देबावास की छात्रा व किसान परिवार की बेटी मनखुश खुशबू चौधरी ने 97.20 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है। खुशबू ने बताया कि वह रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी। वहीं घर पर मां के साथ कामकाज में भी हाथ बंटाती है। परिवार में तीन बहनों से सबसे बड़ी खुशबू है। एक छोटी बहन आठवीं और उससे छोटी तीसरी में पढ़ती है। उसने बताया कि वह पढ़ाई को बोझ नहीं समझकर एंजाय करते हुए पढ़ाई करती थी।

खुशबू के पिता मूलाराम चौधरी किसान हैं। किसानी कार्य नहीं होने पर अभी देशावर में किसी दुकान पर नौकरी करते है और मां पोनीदेवी गृहिणी हैं। उसने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता व शिक्षकों को दिया।

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पद रिक्त, एक व्याख्याता ने पढ़ाए दो-दो विषय : देबावास के सरकारी स्कूल में राजनीति विज्ञान और अंग्रेजी व्याख्याता के पद रिक्त हैं। यहां पर इतिहास पढ़ाने वाले व्याख्याता मदनलाल गहलोत ने राजनीति विज्ञान तो रामसिंह ने दोनों अनिवार्य हिन्दी व हिन्दी साहित्य पढ़ाया। वहीं तृतीय श्रेणी शिक्षक जितेन्द्र ने दसवीं और बारहवीं को अंग्रेजी पढ़ाई। शिक्षकों के पद रिक्त होने के बावजूद बेटी की प्रतिभा पर हर ग्रामीण को नाज है। रिजल्ट आते ही खुशबू के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।

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