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अपराध से पहले ठेके पर दस्तक, शराब गटक कर बढ़ाते कदम

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अपराध से पहले ठेके पर दस्तक, शराब गटक कर बढ़ाते कदम

अपराधियों को कहीं भी, कभी भी मुहैया हो रही है मदिरा, संगीन वारदातों से पहले ला रहे अवैध रूप से शराब


जीतेश रावल @ जालोर. वारदात से पहले शराब गटकने के शौकीनों को मौज हो रही है। इनको कहीं भी, कभी भी आसानी से शराब मुहैया हो रही है। यहां तक कि रात को निकलने वाले अपराधी बड़ी आसानी से शराब खरीद रहे हैं। शराब की यह खरीद-फरोख्त नियमों के विपरित हो है ही अपराध भी बढ़ रहे हैं। हालांकि रात को आसानी से शराब मिलने के मामले नए तो नहीं है, लेकिन रात को शराब खरीदना और पार्टी के बाद संगीन वारदात को अंजाम देना चिंताजनक ही है। शहर में हुई हत्या के एक मामले में आरोपी दो ठेकों से अवैध रूप से शराब खरीद कर लाया था। वारदात से पहले शराब पार्टी करने का मामला खुला तो जांच अधिकारी सन्न रह गए। हालांकि अवैध रूप से शराब बेचने वाले ठेके पर पुलिस ने आबकारी के सहयोग से कार्रवाई भी की, लेकिन इस तरह के मामलों को रोकने के लिए पुलिस व आबकारी को वृहद स्तर पर कार्रवाई करनी होगी। इससे देर रात तक खुले रहने वाले शराब ठेकों पर अंकुश लग सकेगा तथा नियमों की अवहेलना करने वाले शराब ठेकेदारों की नकेल कसी जा सकेगी।


महकमों ने मूंद रखी हैं आंखें
बताया जा रहा है कि शराब की दुकानों में चल रहे इस तरह के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस व आबकारी महकमा अनजान नहीं है, लेकिन आंखें बंद कर रखी है। दुकानों में ही शराब परोसने और वहीं बैठक व्यवस्था होने से शौकीनों के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़े की नौबत आ जाती है। ऐसे में शांतिभंग होने जैसी घटनाएं भी सामने आ रही है, लेकिन नियमों की पालना को लेकर आबकारी महकमा गंभीरता नहीं दिखा रहा।


दुकानों में शराब हर समय हाजिर
आबकारी अधिनियम के तहत लाइसेंसी दुकानों में शराब बेचने का समय निर्धारित है, लेकिन नियमों की अवहेलना का आलम यह है कि किसी भी समय मिल जाती है। फिर चाहे निर्धारित समय के बाद ही क्यों न हो। शराब की दुकानें खुली रखने का निर्धारित समय रात आठ बजे का है, लेकिन इसके बाद भी ग्राहकों के लिए शराब हर समय हाजिर रहती है।


... और दुकान में ही अवैध बार शुरू
नियमानुसार बार खोलने के लिए अलग से लाइसेंस लेना होता है, लेकिन शराब ठेकेदारों को इससे कोई सरोकार नहीं है। शराब लेने वाले ग्राहकों के लिए दुकान में अवैध रूप से बार चलाए जा रहे हैं। ठेकेदारों ने दुकानों में ही इसकी व्यवस्था कर रखी है। दुकान से शराब खरीदने वाले शौकीन परिसर में ही या आसपास कहीं भी बैठकर आसानी से शराब गटक सकते हैं।


हत्या से पहले लाया था शराब
ज्ञातव्य है कि 10 अप्रेल की रात को शहर के रीको थर्ड फेज की ग्रेनाइट इकाई सुखसागर में श्रमिक की हत्या हो गई थी। आरोपी युवक रात को रीको एरिया स्थित दुकान से शराब खरीद कर लाया था और शराब पार्टी के बाद उसने वारदात को अंजाम दिया। जांच के दौरान सुबह पुलिस दुकान पर पहुंची तो वहां शौकीनों का भारी जमावड़ा नजर आया। पुलिस ने प्रारंभिक रूप से कार्रवाई करते हुए शौकीनों को धर लिया तथा आबकारी विभाग अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए।


कार्रवाई की है...
जांच के दौरान दुकान में ही शराब पीने की जानकारी सामने आई है। इस पर कार्रवाई की गई तथा आबकारी विभाग अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया।
- केसरसिंह शेखावत, एसपी, जालोर