उन्होंने कहा कि हम जानते थे कि यह सीट बहुत कठिन है। देश, प्रदेश और कांग्रेस के हालात को समझते हुए वैभव गहलोत ने वहां से चुनाव लड़ने का फैसला किया। चुनाव प्रचार बहुत अच्छा रहा और चुनाव में हार-जीत होती रहती है। इससे पहले गहलोत ने कहा था कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी को विश्वास दिलाया था कि लोकसभा चुनाव में प्रदेश में इस बार चौंकाने वाले परिणाम आएंगे और इंडिया गठबंधन दो अंकों में भी सीटें जीत सकता है।