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नरपड़ा से नरपुरा नामकरण होने पर ग्रामीणों में खुशी

आखिरकार 7 अगस्त के आदेश के बाद नरपड़ा गांव अब पहचाना जाएगा नरपुरा गांव के नाम से
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Narpada to Narpura nomenclature

Narpada to Narpura nomenclature, Happiness in the villagers

मोदरा. नरपड़ा गांव का नामकरण नरपुरा के नाम पर करने की लंबे समय से उठ रही मांग पर आखिरकार सरकार ने अमल करते हुए इसे प्रभावी कर दिया है। आदेश के तहत अब यह गांव नरपुरा नाम से जाना जाएगा।सरकारी रेकर्ड में भी अब नरपड़ा नरपुरा के रूप में बदल गया है।
मां करण ग्राम विकास सेवा समिति के अध्यक्ष रामदान चारण ने बताया कि राज्य सरकार के आदेश के तहत अब गांव के नाम में परिवर्तन हुआ है। नरपड़ा का नाम परिवर्तित कर नरपुरा करने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर है। इस मौके शुक्रवार को चारण समाज अध्यक्ष बद्रीदान एवं मां करणी ग्राम विकास सेवा समिति के अध्यक्ष रामदान चारण की अगुवाई में ग्राम वासियों की ओर से रैली निकाली गई।
जिसमें चंद्रसिंह, श्रीपाल, विक्रमसिंह, सैणीदान, जैतसिंह, कूपाराम देवासी, हटाराम प्रजापत, कानदास सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने जाहिर की खुशी, बांटी मिठाइयां
गांव के नाम परिवर्तन की घोषणा के बाद ग्रामीणों ने पूरे गांव में मिठाई बांटी व स्कूल के बच्चों को मिष्ठान वितरण किया। इधर पूरे गांव में ढोल के साथ रैली निकाली गई और घर-घर जाकर बधाईयां दी गई।
सरकारी रिकॉर्ड से होती थी शर्मिन्दगी
गौरतलब है कि इस गांव में स्थानीय लेवल से तो हमेशा ही नरपुरा ही अंकित किया जाता था। यहां स्कूल, अस्पताल या अन्य कोई भी स्थान पर नरपुरा अंकित किया जाता रहा है लेकिन सरकारी रिकार्ड में उक्त गांव को नरपड़ा ही अंकित किया गया।
ऐतिहासिक महत्व
बताया जा रहा है कि मुगलकाल में सूराजी टापरिया ने मुगल शासक गजनवी के समक्ष अपनी बहादूरी प्रस्तुत की थी जिसके फलस्वरूप गजनवी ने उनको एक गांव का शासन सोंपा उस गांव को उस समय नरपुरा दिया गया। चूंकी स्थानीय भाषा में अपवाद शब्द नरपड़ा हो गया।
लंबे समय से थे प्रसायरत
गांव के नाम को परिवर्तन करने के लिए ग्रामीण पिछले २० साल से प्रयास कर रहे थे। रिटाईयर्ड तहसीलदार बद्रीदान चारण के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक कई बार लिखित व मौखिक प्रयास किए।
इनका कहना
सरकार ने राजस्व व सरकारी दस्तावेज में नरपुरा का नाम अंकित कर गांव को बहुत बडी सौगात दी है, अब हम शान से ले सकेेंगे गांव का नाम
- हडमतदान चारण, भाजपा नेता
सरकार द्वारा गांव के ऐतिहासिक महत्व को समझते हुए बहुत बडी राहत दी हैं, ग्रामीणों में खुशी की लहर हैं।
- धन कंवर, पूर्व सरपंच, नरपतसिंह चारण, ग्रामीण