
औपचारिक साबित हो रहे निरीक्षण, नहीं सुधर रहे अस्पतालों के हालात
जालोर. स्वास्थ्य सेवाओं के हाल दिनोंदिन बिगड़ रहे हैं, लेकिन सुधार के कोई ठोस प्रयास नहीं हो रहे। अधिकारियों के दौरे भी एक तरह से औपचारिक ही साबित हो रहे हैं। जिला अस्पताल को हाल ही में राज्यस्तरीय कायाकल्प पुरस्कार के तहत पचास लाख रुपए मिल चुके हैं, लेकिन अस्पतालों का कायाकल्प नहीं हो रहा। क्वालिटी एश्योरेंस की राज्यस्तरीय टीम ने माहभर में ही दूसरी बार अस्पताल का जायजा लिया, लेकिन कमियों में सुधार नहीं हुआ। सोमवार को आई टीम ने इस बार फिर निरीक्षण किया और कमियों को सुधारने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि टीम गत फरवरी माह में ही अस्पतालों का जायजा ले चुकी है। उस समय भी टीम के सामने ही अस्पताल में श्वान घूमते नजर आए थे। सफाई के प्रबंध लचर मिले थे। मातृ-शिशु कल्याण केंद्र में भी कुछ ऐसे ही हाल सामने आए थे।
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कमियों को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश
टीम ने जिला मुख्यालय स्थित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। जिला अस्पताल के वार्डों में व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं का जायजा लिया। मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र में प्रसव कक्ष, चिकित्सक कक्ष, टीकाकरण, एएनसी रजिस्ट्रेशन, सोनोग्राफी, एसएनसीयू का निरीक्षण किया तथा कमियों को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
गणवेश में नहीं आते कार्मिक
क्वालिटी एश्योरेंस एवं कायाकल्प के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ रामबाबू जयसवाल ने सोमवार को मांडोली नगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नि:शुल्क दवा वितरण केंद्र में दवाइयों को व्यवस्थित तरीके से रखने के निर्देश दिए। बिना गणवेश पहनकर आए कार्मिकों को गणवेश में आकर रोगियों की सेवा करने की हिदायत दी। डीडीसी व प्रसव कक्ष में सफाई कराने के साथ रोगियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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साफ-सफाई पर जोर दिया
उन्होंने जसवन्तपुरा व आहोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। अस्पतालों में साफ -सफाई पर जोर दिया। आहोर में प्रसव कक्ष, चिकित्सक कक्ष, टीकाकरण, एएनसी रजिस्टे्रशन, सोनोग्राफी व वार्डों की व्यवस्थाएं देखी। प्रभारी अधिकारी डॉ घनश्याम त्रिपाठी मौजूद रहे। उधर, जसवंतपुरा अस्पताल में बीसीएमओ डॉ. दिलीपसिंह ने व्यवस्थाओं पर जानकारी दी।
Updated on:
19 Mar 2019 12:27 pm
Published on:
19 Mar 2019 12:27 pm
