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जालोर. मिड डे मील योजना के तहत जिलास्तरीय पोषाहार संचालन समिति की बैठक में आए अधिकारियों को दस मिनट की बात सुनने के लिए तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। बैठक भी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार के सम्बंध में थी। मंगलवार दोपहर १२ बजे आयोजित बैठक के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी तय समय पर पहुंच गए, लेकिन जिला कलक्टर नहीं आए।इंतजार करते हुए विभागीय अधिकारियों ने ही बैठक शुरू कर दी। निर्धारित एजेंडे पर चर्चा की गई।हालांकि विभागीय स्तर पर पूरी चर्चा हो गई, लेकिन जिला कलक्टर के हाथों अधिकारियों को लैपटॉप वितरण भी करवाने थे।लिहाजा बैठे रहना पड़ा। वैसे इनमें से अधिकतर अधिकारी एक वीडियो कांफ्रेंस के लिए चले गए। करीब सवा तीन बजे इंतजार की घडिय़ां समाप्त हुई। जिला कलक्टर बीएल कोठारी व जिला प्रमुख बन्नेसिंह सभागार में पहुंचे। कलक्टर ने पोषाहार में जोड़े गए दूध वितरण के सम्बंध में निर्देशित किया। इसके बाद लैपटॉप प्रदान कर चले गए। यह प्रक्रिया कुल जमा दस मिनट में ही पूरी हो गई।
गुरुजन दिनभर दूध ही लेते रहेंगे
जिला कलक्टर ने कहा कि स्कूलों में दूध लाने की जिम्मेदारी आपूर्तिकर्ता को ही दी जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि गुरुजन दूध लेने चले गए तो दिनभर दूध ही लेते रहेंगे।पढ़ाई-लिखाई में इनका वैसे ही मन नहीं लगता।दूध लाने की जिम्मेदारी से शिक्षकों को मुक्त रखने के निर्देश दिए।
अन्नपूर्णा दूध योजना पर चर्चा
राज्य सरकार की बजट घोषणा में शामिल अन्नपूर्णा दूध योजना के तहत स्कूलों में सप्ताह के तीन दिन दूध दिया जाएगा।इसकी व्यवस्था के सम्बंध में बैठक आयोजित की गई।इसके लिए दूध डेयरी प्रबंधक को भी चर्चा में आमंत्रित किया गया।जिला कलक्टर ने स्कूलों तक दूध की आपूर्ति, वितरण, व्यवस्था आदि पर निर्देश दिए।
अधिकारियों को दिए लैपटॉप
सर्व शिक्षा अभियान के एडीपीसी मोहनलाल राठौड़ के अनुसार जिले में राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद से प्राप्त कुल २९२ लैपटॉप वितरित किए गए।इसमें से 274 पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (पीईईओ), आठ नोडल अधिकारी, आठ बीईईओ, दोनों जिला शिक्षा अधिकारी शामिल हैं। जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्रकुमार शर्मा, एडीईओ भैराराम, मुकेश सोलंकी, बीईईओ मोहनलाल सुथार, भंवरसिंह चारण, खंगारंिसंह, लालाराम चौधरी, एबीईईओ लहरीराम माली, एपीसी कपिल चौधरी, हीराराम, पुरुषोत्तम परिहार आदि मौजूद रहे।
Published on:
06 Jun 2018 11:16 am
