23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Government Job Scam: राजस्थान में एक और परीक्षा में फर्जीवाड़ा आया सामने, जालोर जिला फिर से चर्चा में

नकल प्रकरण हो या डमी अभ्यर्थी से सरकारी नौकरी हासिल करने की चाहत, दोनों ही मामलों में जालोर जिला चर्चा का विषय में है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जालोर

•

image

Anil Prajapat

•

Updated: 27 Dec 2025, 2:42 PM IST

Government-Job-Scam

फोटो: पत्रिका

जालोर। नकल प्रकरण हो या डमी अभ्यर्थी से सरकारी नौकरी हासिल करने की चाहत, दोनों ही मामलों में जालोर जिला चर्चा का विषय में है। एसओजी की ओर से जांच के बाद मामला दर्ज किया गया। जिसके अनुसार भर्ती परीक्षा में व्याख्याता बने अशोक कुमार ने चितलवाना कॉलेज के प्रोफेसर नरेश सारण से यह परीक्षा दिलवाने के बाद नौकरी हासिल की।

एसओजी को प्राप्त शिकायत में आरोप था कि डेडवा निवासी अशोक कुमार ने डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा पास की। एसओजी की ओर से जांच की गई, जिसमें सामने आया कि सांगडवा निवासी नरेश सारण ने यह परीक्षा दी। एसओजी के अनुसार अशोक ई-मित्र संचालक है और नरेश के फोटो से खुद की फोटो का क्लोन बनाकर आवेदन किया।

जांच में सामने आया कि अशोक ऑनलाइन आवेदन भरने का काम करता है। जनवरी 2020 को जोधपुर के पुलिस लाइन स्थित महात्मा गांधी इग्लिश मीडियम स्कूल में प्रोफेसर नरेश ने परीक्षा दी। अगले ही दिन जालोरी गेट गर्ल्स स्कूल में उसने भूगोल की परीक्षा दी। मामले में एसओजी टीम दोनों की तलाश कर रही है, उनसे इस पूरे प्रकरण से जुड़े खुलासे गिरफ्तारी के बाद होंगे।

इस तरह से चालाकी की

अशोक ने आवेदन के समय जो फोटो लगाया, उसे परीक्षा की हर प्रक्रिया में काम लिया। नरेश सारण परीक्षा देने गया तब भी उसने यही फोटो काम लिया। जब अशोक का चयन हुआ तो दस्तावेज सत्यापन में उसने अपनी फोटो लगाई। ताकि रेेकार्ड दुरुस्त रहे। तमाम गड़बड़ी के बाद मार्च 2021 को अशोक ने बाड़मेर जिले में गुड़ामालानी ब्लॉक के पिपराली में ज्वाइनिंग की।

जालोर शर्मसार, क्योंकि हर मामले में जालोर का जुड़ाव

जालोर जिले में पटवारी, पुलिस, लेक्चरर भर्ती समेत अन्य सभी भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी में जालोर जिले के नकल गिरोह की भूमिका रही है। एसओजी की ओर से परत दर परत मामले का खुलासा किया जा रहा है। 28 जुलाई को एसओजी ने बड़ा खुलासा किया था, जिसमें पीटीआई सीधी भर्ती परीक्षा में फजीवाड़े के बड़े खेल में एसओजी ने 165 अभ्यर्थियों के खिलाफ मामले दर्ज करवाए थे, जिसमें से 14 जालोर जिले के थे।

शिक्षक भर्ती परीक्षा में भी अछूता नहीं रहा जालोर

जांच के दायरे में हर भर्ती परीक्षा में जालोर के नकलबाजों की सक्रिय भूमिका सामने आई है। 11 अगस्त को एसओजी ने जांच और दस्तावेजों की जांच के बाद प्रदेश के 123 शिक्षकों के खिलाफ मामले दर्ज किए। किसी न किसी रूप में फर्जीवाड़े में शरीक होने के बाद नौकरी प्राप्त करने वाले इस बड़े रैकेट में से 115 शिक्षक जालोर जिले के थे। जांच में इनके हस्ताक्षर और फोटो मिलान नहीं हुए थे।