
Rajasthan News: चांदराई के निकटवर्ती उखरडा गांव में 52 वर्ष बाद समंदर हिलोरने की रस्म निभाई गई। सवेरे सजे धजे परिधानों में महिलाएं भाइयों संग तालाब पहुंचे। पंडितों ने पूजा अर्चना के बाद रस्म अदा करवाई। कार्यक्रम में 251 बहनों ने भाइयों के साथ इस रस्म को अदा किया।
जालोर के माधोसिंह राठौड़ ने बताया कि इससे पूर्व 52 वर्ष पहले गांव में इस रस्म को अदा किया गया था। कार्यक्रम को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी। इस दौरान प्रताप सिंह राठौड़, सूजाराम देवासी, भीखाराम कुमावत, सौदा राम हीरागर, सवला राम मेघवाल व सकाराम प्रजापत समेत अन्य मौजूद रहे।
वहीं आहोर क्षेत्र के हरजी में शुक्रवार को बावरी समाज के लोगों की ओर से सामूहिक रूप से समंदर हिलोरने की परंपरा का धूमधाम से निर्वहन किया गया। इस अवसर पर बावरी समाज के बड़ी संख्या में भाई-बहन व ग्रामीण सज धजकर गांव के तालाब पर पहुंचे। जहां उन्होंने वेद मंत्रों व पूजा अर्चना के साथ तालाब के पानी में खड़े रहकर समंदर हिलोरने की परंपरा का निर्वहन किया। इस दौरान भाई-बहनों ने एक दूसरे को तालाब का पानी पिलाया, वहीं भाइयों ने बहनों को चुंदडी ओढाई।
Published on:
07 Sept 2024 12:06 pm
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