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Rajasthan excise department: जल्द से देरी में बदल जाता है समय और कार्रवाई सिफर

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Rajasthan excise department: जल्द से देरी में बदल जाता है समय और कार्रवाई सिफर

Rajasthan excise department: जल्द से देरी में बदल जाता है समय और कार्रवाई सिफर

तस्करी पर निगरानी नहीं रख पा रहा आबकारी महकमा, शराब ठेकेदारों व तस्करों के बीच पनप रहा गठजोड़


जालोर. आबकारी महकमा, जिसके पास केवल मादक पदार्थों पर निगरानी रखने का ही काम है। फिर चाहे अवैध परिवहन हो या बेचान, लेकिन इन कामों पर महकमा खरा नहीं उतर पा रहा है। लाइसेंसी दुकानों से ही खुलेआम भारी मात्रा में शराब निकाली जा रही है और अन्य जगहों पर अवैध रूप से बेची जा रही है, लेकिन आबकारी महकमा मानों मूकदर्शक बना हुआ है। पुलिस लगातार इस तरह के मामले पकड़ रही है, लेकिन महकमे के पास अंगुलियों पर गिनाने लायक भी मामले नहीं है। महकमे के आला अधिकारी भी हर समय एक ही जवाब देते हैं कि इस तरह के मामलों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी, लेकिन जल्द समय कब देरी में बदल जाता है पता ही नहीं चलता। हां, कार्रवाई फिर भी नहीं हो पाती। ऐसे में शराब ठेकेदारों व तस्करों के बीच गठजोड़ पनप रहा है तथा दुकानों से अवैध रूप से शराब निकाल कर अन्य जगह खपाया जा रहा है। Rajasthan Excise Department


बेजा फायदा उठा रहे शराब ठेकेदार
बताया जा रहा है कि गारंटी पूर्ति के लिए महकमे के अधिकारी हरसंभव प्रयास करते हैं, लेकिन ठेकेदार इसका बेजा फायदा उठा रहे हैं। लाइसेंसी दुकानों का दारू बिकवाने के लिए महकमा मूकदर्शक बना जाता है। ऐसे में दुकानों से भारी मात्रा में निकाली जा रही शराब को पकडऩे जैसे मामलों पर भी न तो गंभीरता दिखाई जाती है और न रोकथाम के प्रयास होते हैं। Excise Duty on Liquor


इसलिए पनप रहा यह गठजोड़
नियमानुसार आबकारी महकमे ने शराब बिक्री के लिए लोकेशन तय कर रखी है। लेकिन, गारंटी पूर्ति नहीं होने से ठेकेदारों को नुकसान की आशंका रहती है। ऐसे में ठेकेदार अन्य इलाकों में भी शराब बेचने की जुगत में रहते हैं। यहीं कारण है कि तस्करों के साथ गठजोड़ पनप रहा है। दुकानों से भारी मात्रा में शराब निकाल कर आगे से आगे बेची जा रही है।

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न निकासी पर निगरानी, न बिकवाली पर ध्यान
बताया जा रहा है कि दुकानों से भारी मात्रा में निकाली गई शराब की खेप पसंदीदा जगहों पर पहुंचाई जाती है। तस्करों ने इस तरह की जगह पहले से ही चिह्नित कर रखी हंै, जहां वे आसानी से शराब खपा देते हैं। अधिकतर मामलों में बॉर्डर से सटी दुकानों व ग्रामीण इलाकों में यह खेप खपाई जा रही है। लेकिन, आबकारी महकमा न तो शराब निकलते समय ध्यान दे रहा है और न ही खपाई जाने वाली जगह पर। ऐसे में ठेकेदारों व तस्करों की बल्ले-बल्ले हो रही है।

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पुलिस पकड़ रही, आबकारी को अरुचि
गत माहभर से पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसमें राजस्थान में बिक्री के लिए निर्मित शराब को वाहनों से जरिए पार करने के मामले पकड़ में आए हैं। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर वाहन में भरी शराब की खेप बरामद की। गत तीन दिनों में ही इस तरह के चार मामले पकड़े जा चुके हैं, जिसमें से दो भाद्राजून पुलिस थाना क्षेत्र के हैं। उधर, आबकारी महकमा इस तरह की कार्रवाई करने में रुचि नहीं ले रहा है।


जल्द कार्रवाई करेंगे...
आबकारी विंग भी कार्रवाई करती ही है। सूचना मिलने पर इस तरह के मामलों पर जल्द ही कार्रवाई करेंगे।
- विनोद वैष्णव, जिला आबकारी अधिकारी, जालोर