तंग गली सेे होता है रीको में प्रवेश

रीको की इकाइयों तक माल पहुंचाने के लिए उद्यमियों को चुकाने पड़ते है अलग से मजदूरी व किराया, गुजरात राज्य के उद्यमियों से प्रतिस्पद्र्धा में नहीं टिक पाते है उद्यमी

By: khushal bhati

Published: 18 Dec 2018, 11:14 AM IST

भीनमाल. यहां का रीको क्षेत्र सालों से सुविधाओं को तरस रहा है। रीको में आवाजाही का मुख्य मार्ग एक गली है। रीको का प्रवेश मार्ग इतना तंग है कि भारी वाहन तो यहां से गुजर ही नहीं सकते है। ऐसे में उद्यमियों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। समस्याओं के चलते रीको में उद्यमी यहां उद्योग नहीं लगाकर गुजरात की ओर पलायन को मजबूर है। रीको के उद्यमियो का कहना है कि रीको का प्रवेश मार्ग कभी 40-50 फीट चौड़ा था, लेकिन अतिक्रमण की वजह से महज 15-20 फीट गली बन गया है। रीको में प्रवेश का 100 मीटर मुख्य मार्ग करीब 15-20 फीट में ही संकरा हुआ है। माल से लदे भारी वाहन मुख्य सड़क से रीको में फैक्ट्री तक ही नहीं पहुंच पाते है। कई बार उद्यमियों को भारी वाहन बाहर सड़क पर खड़ा कर माल खाली करना पड़ता है। वहां से छोटे वाहनों में डालकर कच्चे मार्ग को फैक्ट्री तक पहुंचाना पड़ता है। रीको के उद्यमियों ने कई बार मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री, जनप्रतिनिधियों व पालिका प्रशासन को मुख्य सड़क से अलग आवाजाही का मार्ग उपलब्ध करवाने की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। रीको के मार्ग पर एक तरफा लोगों ने अतिक्रमण कर पट्टे भी बना दिए है।
बढ़ती है लागत, प्रतिस्पद्र्धा में नहीं टिक पाते है उद्यमी
रीको में माल से लदे भारी वाहन संकरे प्रवेश मार्ग से रीको में नहीं पहुंच पाते है। रीको में कच्चा माल लेकर पहुंचने वाले भारी वाहन रीको के औद्योगिक इकाइयों तक नहीं पहुंच पाते है। भारी वाहन को बाहर सड़क पर खड़ा कर वहा से माल को छोटे वाहन से इकाइयों तक पहुंचाते है। उद्यमियों को इकाइयों तक माल पहुंचाने के लिए अलग किराया व मजदूरी चुकानी पड़ती है। ऐसे में कच्चे माल की लागत बढ़ जाती है। माल की लागत बढऩे से यहां के उद्यमी गुजरात के उद्यमियों से प्रतिस्पद्र्धा में टिक नहीं पाते है। उद्यमियों का कहना है कि यहां महानगरों से माल लेकर पहुंचने वाले भारी वाहन भी मनमाना किराया भी मांगते है।
रिंग रोड या बाइपास बने तो मिटेगी समस्या
सुविधाओं को तरस रहे रीको के उद्यमी रीको में आवाजाही की समस्या के समाधान के लिए बाईपास व रिंग रोड से उम्मीदें लगाएं बैठे है। उद्यमियों का कहना है कि रीको में प्रवेश व आवाजाही की मुख्य सड़क एक गली जितनी संकरी है। शहर का विकास एक प्लान के तहत नहीं होने से रीको में बड़ी समस्या खड़ी हो रही है। रीको को बाईपास या रिंगरोड से जोडऩे से ही समस्याओं का समाधान हो सकता है।
आवाजाही की समस्या है।
रीको के प्रवेश का मार्ग इतना संकरा है कि भारी वाहन प्रवेश ही नही कर पाते है। माल से लदे भारी वाहन मुख्य सड़क पर खड़ा कर खाली करना पड़ता है। रीको के लिए वाहन चालक भी मनमाना किराया भी लेते है। ऐसे में रीको में पहुंचने वाले कच्चे माल की लागत बढ़ जाती है।
सोमाराम माली, सचिव, रीको व्यापार संघ-भीनमाल

khushal bhati Reporting
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