सांचौर प्रधान टाबाराम मेघवाल ने मुख्यमंत्री व जिला कलक्टर को ज्ञापन भेजकर धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। ज्ञापन में उनकी ही पंचायत समिति के विकास अधिकारी पर आरोप लगाते हुए बताया कि बीडीओ किसी भी प्रकार की उनकी नहीं मानते और उनके कहने पर भी चैम्बर में नहीं आते। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी गाड़ी में भी डीजल भरवाने के लिए तरसना पड़ता है। उन्होंने विकास अधिकारी पर विकास कार्यों में अड़ंगा डालने की बात कहते हुए दलित प्रधान होने के कारण प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है।
किस-किसको करूं शिकायत
प्रधान ने बीडीओ पर तंग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस बारे में पांच मंत्रियों व सांसद को भी शिकायत की, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। साथ ही कार्य में सामंतशाही अपनाने का आरोप लगाया।
नहीं करते सत्यापन
प्रधान ने बताया कि उनकी सरकारी गाड़ी में डीजल भरवाने का अधिकृत पेट्रोल पंप पर डीजल भरवाने का बीडीओ ने मना कर रखा है, जिससे आमजनता के समक्ष अपमान की घूंट पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं प्रधान की गाड़ी की लॉग बुक सत्यापन करने से भी बीडीओ स्पष्ट मना कर देते है। पंचायत समिति को केन्द्र व राज्य सरकार से विकास कार्य के लिए आवंटित बजट की आवश्यकतानुसार अभिशंसा के बाद भी कार्यों की स्वीकृतियां जारी नहीं करने से क्षेत्र का विकास कार्य रुका हुआ है। प्रधान ने राजस्थान पत्रिका को बताया कि बीडीओ पंचायत समिति अधिनस्थ ग्राम पंचायतो में कार्यरत कार्मिकों को परेशान करने के लिये बिना प्रधान की अभिशंसा एपीओ कर कार्यालय में बिठा दिया जाता है।
इनका कहना है...
बीडीओ की कार्यशैली से मैं पिछले एक साल से परेशान हूूं, प्रधान की सरकारी गाड़ी में डीजल भरवाने को लेकर पंप पर मना कर रखा है, वहीं दलित होने की वजह से मुझसे भेदभाव करते है। अगर बीडीओ को नहीं हटाया गया तो धरने पर बैठूंगा।