
कृषि विभाग का सर्वे : निम्न गुणवत्ता के खाद-बीज से फसलों में खराबा
जालोर. कृषि विभाग ने एक सर्वे में माना है कि निम्न गुणवत्ता के खाद-बीज के इस्तेमाल से फसलों की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे बचाव के लिए गुणवत्तायुक्त खाद-बीज का उपयोग करना चाहिए। किसानों को गांवों में फेरी लगाकर कम दामों में बेचने वालों से खाद-बीज खरीदने के बजाय लाइसेंसी दुकानों से खरीद करनी चाहिए। इससे बिचौलियों पर अंकुश लगेगा। अधिकारियों ने इस सम्बंध में निर्देश जारी किए हैं। साथ ही निम्न गुणवत्ता के खाद-बीज बेचने वालों पर नकेल कसने के लिए विभागीय निरीक्षकों को समय-समय पर जांच करने एवं पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाने के भी निर्देश दिए हैं। कृषि विभाग ने फसलों में लट व कीट के प्रकोप एवं उत्पादकता में आने वाली कमी को देखते हुए यह निर्णय किया है। विभागीय अधिकारियों ने सलाह दी है कि फसलों के उत्पादन में गुणवत्ता लाने के लिए किसानों को सावचेत रहना चाहिए। लाइसेंसी दुकानों से सामान लेकर बिल प्राप्त करना चाहिए।
जैविक खाद के नाम पर धोखाधड़ी
कृषि अधिकारियों ने बताया कि बिना लाइसेंसी दुकान से खरीदे खाद-बीज व पौध संरक्षण के सामान की गुणवत्ता संदेहास्पद रहती है। इनका विक्रय भी नियम विरुद्ध है। वाहनों में भरकर जैविक खाद के नाम पर धोखाधड़ी करते हुए किसानों को उर्वरक बेचा जा रहा है। ऐसे लोग नजर आने पर पुलिस को सूचना देने एवं कृषि कार्य के लिए सामान खरीदते समय आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
... तो बच सकेंगे धोखे से
अनुज्ञाधारी दुकानों से कृषि आदान के तहत बीज, उर्वरक, पौध संरक्षण रसायन खरीदना चाहिए। बिल में कृषि आदान का नाम, बैच नम्बर, एक्सपायरी, मूल्य का इंद्राज करवाना चाहिए। इससे धोखाधड़ी से बच सकते हैं।
- फूलाराम मेघवाल, सहायक निदेशक, कृषि विभाग, जालोर
निरीक्षक कार्रवाई करेंगे...
गांवों में अज्ञात लोग जैविक खाद के नाम पर खाद बेचने का काम करते है यह गलत है। उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत वर्णित उर्वरक का विक्रय बिना लाइसेंस के करते पाए जाने पर विभागीय निरीक्षक आवश्यक कार्रवाई करेंगे। किसानों को भी सतर्क रहना चाहिए।
मनोहर तुसावरा,कृषि उप निदेशक, जालोर
Published on:
07 Aug 2018 12:11 pm
