स्वाइन फ्लू की चपेट में आया जालोर संवेदनशील बन रहे आहोर व सांचौर नहीं मिल रहा पुख्ता इलाज

स्वाइन फ्लू की चपेट में आया जालोर संवेदनशील बन रहे आहोर व सांचौर नहीं मिल रहा पुख्ता इलाज
स्वाइन फ्लू की चपेट में आया जालोर संवेदनशील बन रहे आहोर व सांचौर नहीं मिल रहा पुख्ता इलाज

Dharmendra Ramawat | Updated: 05 Jan 2019, 10:34:16 AM (IST) Jalore, Jalore, Rajasthan, India

जोधपुर में उपचार के दौरान सामने आए पॉजिटिव केस

जालोर. सर्द मौसम में जालोर स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गया है।जिले के आहोर व सांचौर को काफी हद तक सेंसेटिव की श्रेणी में माना जा सकता है।
इन इलाकों में लगातार केस मिल रहे हैं, जिससे आगामी दिनों में स्थिति भयावह भी हो सकती है।माना जा रहा है कि जालोर जिले में जांच व उपचार की ठोस व्यवस्था नहीं होने से स्वाइन फ्लू के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। एक तरह से पिछड़ा जिला होने से लोगों को पुख्ता इलाज तक नहीं मिल रहा।कई जगह तो लोगों को प्राथमिक उपचार तक मयस्सर नहीं है। गांव में या नजदीकी कस्बे में उपचार नहीं मिलने पर लोग अन्यत्र जाने को मजबूर होते हैं। इसलिए जिले में स्वाइन फ्लू न केवल पैर पसार रहा है बल्कि मरीजों की मौत भी हो रही है। संभवतया यही कारण है कि अभी तक जितने पॉजिटिव केस सामने आए हैं उनमें से अधिकतर मरीज जोधपुर या अहमदाबाद में जांच के दौरान ही सामने आए हैं।
लगातार बढ़ रहे केस, एक और मिला
स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जोधपुर में उपचाररत सांचौर निवासी एक वृद्ध मरीज की जांच रिपोर्ट भी शुक्रवार को पॉजिटिव आई है। इससे जिले में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर अब आठ हो गई है। गत दो माह में ही कुल सात मरीज पॉजिटिव मिले हैं तथा इनमें से गर्भवती समेत दो महिलाओं की मौत भी हो चुकी है। शुक्रवार को मिला यह केस इस वर्ष का पहला मरीज माना जा रहा है।
नाकाफी है इंतजाम
इन एहतियात के तौर पर जिन गांवों में मरीज मिले हैं वहां विभाग की ओर से रोगियों के घरों के आसपास के 50 से अधिक घरों का सर्वे करवाकर आईएलआई (इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस) तथा रोगियों के संपर्क में आए लोगों को टेमी फ्लू की दवा दी जा रही है। हालांकि एहतियात के लिए यह ठीक है, लेकिन बचाव के लिए पहले से ही तैयारी के इंतजाम नाकाफी है। ऐसे में ग्रामीण स्वाइन फ्लू की चपेट में आ रहे हैं।
समय पर उपचार ही नहीं मिलता
जालोर जिले में एक के बाद एक लगातार पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं, लेकिन चिकित्सा महकमा सावचेत नहीं हो रहा। मरीज सामने आने के बाद जरूर आसपास के घरों में सर्वे करवाया जा रहा है, लेकिन गांवों में उपचार के ठोस प्रबंध तक नहीं है। समय पर उपचार नहीं मिलने से लोग इधर-उधर से दवाइयां ले रहे हैं। ठीक नहीं होने पर जोधपुर या अहमदाबाद जाते हैं, लेकिन तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी होती है। नतीजतन, मौत हो जाती है।
सर्वाधिक पॉजिटिव केस सांचौर से
अभी तक सामने आए सभी मरीज सांचौर व आहोर क्षेत्र से ही है। इनमें से भी सांचौर व चितलवाना ब्लॉक के ज्यादा केस है। आहोर क्षेत्र के चरली में महिला की मौत हो चुकी है। रामा गांव में भी एक पॉजिटिव केस मिला था। शुक्रवार तक सांचौर शहर में दो एवं क्षेत्र के धनेरिया, पमाणा व वलदरा में एक-एक मरीज सामने आ चुका है। सांचौर क्षेत्र के डावल निवासी गर्भवती की मौत हो चुकी है।
निर्देश दे रखे हैं...
उपचार एवं अन्य चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश दे रखे हैं। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए एहतियात बरतने की हिदायत दी जा रही है। दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
- डॉ.बीएल बिश्नोई, सीएमएचओ, जालोर

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