
'रेणु में लिपटी मिली रेणु को २3वें दिन भेजा 'घर बाल कल्याण समिति में रहेगी अरणाय में मिली शिशु
जीतेश रावल.
जालोर. किसी घर में खिला यह नन्हा फूल, कुछ ही घंटों में मां से बिछड़ गया। धूल में मिले इस फूल को लोगों ने संभाला और मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र पहुंचाया। अस्पताल लगभग २३ दिन तक इसकी महक से सुवासित रहा। स्वास्थ्य लाभ मिलने के बाद इसे बाल कल्याण समिति में भेजने की तैयारी की गई।
अब समिति इस नवजात का नया घर होगा। उपचार करने वाले चिकित्सक ने इतने दिन तक अस्पताल में भर्ती रही इस बालिका को रेणु नाम दिया है। विदाई की वेला में मदर मिल्क बैंक से लाकर दूध पिलाने वाली युवती की गोद में लेटी यह शिशु उसे एकटक निहारे जा रही थी। शायद वह अपने रखवालों व अस्पताल में तिमारदारी करने वालों का आंखों ही आंखों में शुक्रिया अदा कर रही थी। गोद में कुनमुनाती रेणु को दिखकर नर्सिंगकर्मियों का दिल भर आया।
अरणाय में मिली थी लावारिस
गत २३ मई को करड़ा थाना क्षेत्र के अरणाय में यह बालिका शिशु लावारिस हालत में मिली थी।पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इसका जन्म रात करीब दो बजे हुआ था। फिर कुछ घंटों के बाद ही इसे असुरक्षित छोड़ गए। आवश्यक कार्रवाईके बाद इसे एमसीएच में भर्ती करवाया। यहां समुचित देखभाल के बाद यह तंदुरुस्त हो गई। अब इसे बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया। उधर, पुलिस इसके परिजनों के बारे में अभी कोई सुराग नहीं जुटा पाई है। थानाधिकारी गिरधरसिंह ने बताया कि हम कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ट्रेस नहीं हुआ।
समझाई दूध पिलाने की प्रक्रिया
कार्मिकों ने शुक्रवार को इसे बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया। इससे पहले इसे दो-दो घंटे के अंतराल में दूध पिलाने की प्रक्रिया समझाई। बताया कि दूध की व्यवस्था न हो तो मदर मिल्क बैंक से भी ले सकते हैं। इस दौरान अस्पताल प्रभारी डॉ.मुकेश चौधरी, एसएनसीयू वार्ड प्रभारी युधिष्ठिर गर्ग, नितीन सोलंकी, टीकाकरण प्रभारी जॉली सैम्यूल, मदर मिल्क बैंक की ऐलसी गर्ग, सुगनी आदि मौजूद रहे।
जहां मिली वही से मिला नाम
चिकित्सक ने इसे रेणू नाम क्यों दिया तो यह तो पता नहीं पर इस नाम का गुढ़ अर्थ है।यह शिशु जन्म के सात घंटे बाद ही धूल में लिपटी मिली थी। रेणु का अर्थ धूल या कण भी होता है।धूल के कणों में मिले इस फूल को रेणु नाम मिलना भी शायद एक संयोग ही है। हालांकि इसके परिजनों का कोई पता नहीं चल पाया है, लेकिन उपचार के बाद यह पूर्ण रूप से स्वस्थ है।
शिशु अब बिल्कुल स्वस्थ है
&बालिका शिशु अब बिल्कुल स्वस्थ है। इसे बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया गया है। उपचार को लेकर भी हिदायत दी गई है।
-डॉ.मुकेश चौधरी, शिशुरोग विशेषज्ञ, जालोर
Published on:
16 Jun 2018 10:01 am
