
होनहारों की उम्मीद पर नकल गिरोह का कब्जा, पेपर आउट और डमी केंडिडेट बिठा कब्जा रहे सीट
जालोर पिछला एक दशक प्रतियोगी परीक्षाओं के लिहाज से खास चर्चा में रहा। इस अवधि में लगभग जो भी प्रतियोगी परीक्षाएं हुई, उनमें पेपर आउट, नकल और डमी कैंडिडेट्स बिठाकर प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल गिरोह द्वारा रिजल्ट प्रभावित करने के कार्य किए। गिरोह में सांचौर-जालोर के गिरोह सदस्यों ने मुख्य भूमिका निभाई। एक बार फिर से पुलिस निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 चर्चा में हैं। इस भर्ती में बड़े खुलासे के बाद फिर से इस भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े में सांचौर और जालोर जिले की सक्रिय भूमिका सामने आई है। एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में फर्जीवाड़े के आरोप में एसओजी की गिरफ्त में जगदीश विश्नोई ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जिसके बाद 40 अभ्यर्थियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया। इधर, एसओजी प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्य जुटाने में जुटी है। भूमिगत आरोपियों और एसआई भर्ती परीक्षा में चयनित के बाद ज्वाइंन नहीं करने वालों तक भी पुलिस पहुंचने वाली है।
40 में से 16 नाम सांचौर-जालोर जिले के
एसओजी ने 40 जनों को नामजद कर एसओजी थाना जयपुर में मामला दर्ज करवाया है। सूची में अब तक 16 नामजद आरोपी सांचौर और भीनमाल क्षेत्र के है। मुख्य सरगना सांचौर का दाता निवासी जगदीश पुत्र हरीराम है। परिणाम में सांचौर के मालवाड़ा निवासी नरेश विश्नोई को टॉपर घोषित किया था, वह भी नकल से सूची में शामिल हुआ। इसके अलावा डूंगरवा (बागोड़ा) की नारंगी कुमारी, वीरावा (सांचौर) की राजेश्वरी, दाता (सांचौर) निवासी सुरेंद्र कुमार विश्नोई, सांचौर निवासी भूपेंद्र सारण, सांचौर निवासी सुरेश ढाका, सांचौर के आकोली निवासी महेंद्र, हेमागुड़ा (सांचौर निवासी) सुनील भादू, हेमागुडा (सांचौर) निवासी सुरेश साहू, बी ढाणी (सांचौर) निवासी दिनेश सारण, सिवाड़ा (सांचौर) निवासी अभयसिंह, वियो का गोलिया निवासी मनोहरलाल, सेडिय़ा (सांचौर) निवासी मनोहरसिंह, सांचौर निवासी भगवती विश्नोई, डावल (सांचौर) निवासी प्रवीण विश्नोई और करावड़ी (सांचौर) निवासी गणपतलाल विश्नोई के खिलाफ प्रकरण दर्ज है।
नकल से टॉपर बना नरेश, ग्रामीणों ने पहनाई थी माला
3 जून 2023 को एसआई भर्ती परीक्षा परिणाम घोषित होने पर मालवाड़ा निवासी नरेश टॉपर घोषित किया गया। नरेश बतौर एलडीसी सरकारी सेवाएं दे रहा था। वह छह माह के लिए एसआई भर्ती की तैयारी के लिए जयपुर गया। परिणाम आया तो वह टॉपर था। ग्रामीणों व परिजनों ने खुशी जाहिर की और उसे फूल मालाओं से लाद दिया। उसने इस सफलता का आधार सतत परिश्रम को बताया, लेकिन अब एसओजी के खुलासे के बाद नकल से टॉपर बनने तक के सफर में अनेक सवाल खड़े हो चुके हैं। नरेश विश्नोई का बड़ा भाई अरविंद राजनीतिक विज्ञान व्याख्याता है। बहन लाइबे्रेरयन है।
सांचौर से जुड़े हैं हर नकल गिरोह के तार
एक दशक में हुई तमाम भर्ती परीक्षाओं पर गौर करें तो पेपर आउट समेत अन्य सभी गतिविधियों में सांचौर के गिरोह की भूमिका रही है। एसआई भर्ती परीक्षा में बड़ा खुलासा हो चुका है और मंत्री डॉ. किरोडीलाल मीणा ने तो 2018 से लेकर अब तक हुई प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी की बात तक कह दी है।
ये सबूत है...सांचौर में बड़ा नकल नेटवर्क
- 23 दिसंबर 2022 को सैकंड ग्रेड भर्ती परीक्षा में बस में जीके का पेपर सॉल्व करवाया जा रहा था, जिसमें 45 अभ्यर्थी थे। बस हेमागुड़ा की थी और बस में सवार अधिकतर अभ्यर्थी भी सांचौर-जालोर के ही थे। इस पूरे मामले में एसओजी ने कुल 57 आरोपी गिरफ्तार किए थे, जिसमें से 53 जालोर जिले (अब बड़ा हिस्सा सांचौर) के थे।
इन सालों में पेपर लीक
एसआईभर्ती परीक्षा 2010, पीटीआई ग्रेड सैकंड थर्ड प्रतियोगी परीक्षा 2011 और शिक्षक भर्ती परीक्षा 2012, पीटीआई 2013, आरएएस प्री 2013, सेकंड ग्रेड भर्ती 2013, एलडीसी भर्ती 2013 में भी नकल के मामले सामने आए। इन सभी मामलों में जालोर-सांचौर के आरोपियों की कहीं न कहीं भूमिका रही। वहीं नकल के मामलों में तो डमी अभ्यर्थी तक जालोर-सांचौर के ही पकड़े गए। इसी तरह 19 सितंबर 2020 को आयोजित लाइब्रेरियन परीक्षा में भी पेपर आउट हुआ। कुछ अभ्यर्थियों के मोबाइल पर परीक्षा से पहले ही पेपर आ गया था. बाद में अभ्यर्थियों ने स्क्रीन शॉट एसओजी को सौंपा था. इसके बाद एसओजी ने जांच की तो पता चला कि अधिकतर अभ्यर्थी सांचौर इलाके के हैं।
Published on:
07 Mar 2024 12:20 am
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