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यह अस्पताल वर्षों से खुद ही बीमार

- विभाग की अनदेखी से हाल बेहाल, नहीं सुधर रहे हालात
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 - विभाग की अनदेखी से हाल बेहाल, नहीं सुधर रहे हालात

- विभाग की अनदेखी से हाल बेहाल, नहीं सुधर रहे हालात

बागोड़ा. सरकार व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण इलाकों में मरीजों को बेहतर सेवाएं मुहैया करवाने का दंभ भले ही भरा जा रहा हो, लेकिन हकीकत में जब ग्राम पंचायत मुख्यालय पर दादाल उप स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम तक नहीं हो तो यह दावे खोखले साबित हो जाते है। ऐसा ही है दादाल ग्राम पंचायत मुख्यालय का हाल। यहा के लोगों को एएनएम के अभाव में दूसरे गांवों में जाकर निजी अस्पताल की शरण लेनी पड़ रही है। अनदेखी के चलते दामण सड़क मार्ग पर स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्र में करीब साल भर से एएनएम का पद रिक्त है और केन्द्र का भवन भी कचरे से अटा पड़ा है। सरकार व पंचायतीराज की योजना में लाखों रुपए खर्च कर यहां करीब चौदह वर्ष पूर्व ग्रामीणों को 24 घंटे बेहतर इलाज मुहैया कराने के मकसद से उप स्वास्थ्य भवन का निर्माण करवाया गया था, जिससे गांव के लोगों को भी आस बंधी थी कि अब उपचार मिलेगा। मगर उनकी यह आस तीन चार साल में ही काफूर हो गई और अब हालात यह है कि स्वास्थ्य केंद्र भी सार संभाल के अभाव में कचरे से अटा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि दादाल गांव को ग्राम पंचायत का दर्जा हासिल होने के बाद भी यहां के जनप्रतिनिधियों व प्रशासन की उदासीनता के चलते लोगों को एक साल से एएनएम के अभाव में चिकित्सा सुविधाओं से महरुम होना पड़ रहा है।
इनका कहना है
हम लंबे समय से एएनएम का इंतजार कर रहे है। मुख्य रूप् से प्रसूता महिलाओं को बाहर निजी अस्पताल में ले जाना पड़ता हैं।
- लालूदास संत ग्रामीण दादाल
एक वर्ष से उपस्वास्थ्य केंद्र बन्द पड़ा है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
गणपतसिंह, उपसरपंच, दादाल