4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जालोर में इसलिए देरी से पहुंची यह टे्रन

- शाम को जोधपुर से चलकर पालनपुर के लिए जाने वाली टे्रन का मामला, निर्धारित समय से 3 घंटे से भी अधिक देरी से रात करीब 12.30 बजे जालोर पहुंची थी।
2 min read
Google source verification
jalore

- शाम को जोधपुर से चलकर पालनपुर के लिए जाने वाली टे्रन का मामला, निर्धारित समय से 3 घंटे से भी अधिक देरी से रात करीब 12.30 बजे जालोर पहुंची थी।

जालोर. जोधपुर से पालनपुर के लिए चलने वाली लोकल टे्रन के शुक्रवार शाम के फेरे में करीब 3 घंटे की देरी का परिणाम शनिवार को यात्रियों को भुगतना पड़ा। इस देरी से यह टे्रन वापसी में भी रानीवाड़ा, भीनमाल होते हुए जालोर करीब 3 घंटे देरी से पहुंची। वहीं यात्री निर्धारित समय पर रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे और टे्रन के लिए टिकट भी लिया, लेकिन उन्हें जब टे्रन के देरी की जानकारी मिली तो उन्होंने बस से यात्रा करने में ही अपनी भलाई समझी और रेलवे स्टेशन से रवाना हो गए। रेलवे सूत्रों की मानें तो यह टे्रन शुक्रवार शाम को देर रात करीब 12.30 बजे जालोर पहुंची, जबकि इस टे्रन के जालोर पहुंचने का समय 9 बजे का है। इस देरी से रात में भी यात्रियों को खासी दिक्कत हुई। खास बात यह है कि इस टे्रन से जोधपुर से जालोर, रानीवाड़ा, भीनमाल, मोदरा के लिए सवारी आती है।
लंबी दूरी में डेमू हांफती है
रेलवे सूत्रों की मानें तो डेमू का संचालन लगभग 300 किमी फेरे के लिए किया जाए तो बेहतर परिणाम मिलते हैं। लेकिन शाम को जोधपुर के लिए चलने वाली इस टे्रन को 400 किमी के लगभग दूरी के लिए उपयोग किया जाता है। वापसी पर यह दूरी 800 किमी हो जाती है। इन हालताों में बार बार डेमू में तकनीकी गड़बडिय़ां देखने को मिलती है और अनेक बार इसे बीच रास्ते ही रोकना भी पड़ता है।
साधारण रैक की जरुरत
शाम को जोधपुर से चलकर अल सवेरे पालनपुर को जाने वाली इस टे्रन में काफी तादाद में यात्री सफर करते हैं। ज्यादातर इस टे्रन में मरीज और उनके परिजन यात्रा करते हैं। जालोर से पालनपुर की दूरी 250 किमी के लगभग है। यह दूरी रात में तय करनी होती है। दूसरी तरफ डेमू में साधारण रैक होने और सीटें छोटी होने से इन पर केवल बैठा जा सकता है। यदि डेमू में सीट खाली भी हो तो यात्री इन सीटों पर अपने पैर नहीं पसार सकता है। जबकि इस रूट पर जरुरत के अनुसार साधारण रैक की जरुरत है, जिसमें बैठने के लिए स्पेस अधिक होता है और सीटें भी लंबी होती है, जिसमें सीट पर यात्री आराम भी कर सकता है।
अधिकतर लौटे, कुछ करते रहे इंतजार
ट्रेन के देरी से संचालन के चलते सवेरे रेलवे स्टेशन पहुंचे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। जरुरी काम से जोधपुर के लिए जाने वाले यात्रियों को टे्रन की देरी के चलते बसों से सफर करना पड़ा। वहीं कुछ यात्री टे्रन के जालोर पहुंचने का इंतजार करते नजर आए। दोपहर में करीब 11.40 बजे टे्रन पहुंचने पर यात्री जोधपुर के लिए रवाना हुए। इधर, टे्रन के संचालन में देरी के चलते शाम को फिर से जोधपुर से रवानगी में भी देरी हुई।
दिक्कत हुई
अस्पताल के कार्य के लिए जोधपुर जाना था। टे्रन निर्धारित समय से खासी देरी से चल रही है। मुझे शाम को उपचार के बाद लौटना था। टे्रन की देरी के चलते अब बस में सफर करना पड़ रहा है।
- भैरुसिंह सांखला, यात्री
घरेलू कार्य से जोधपुर जाना था। निर्धारित समय पर रेलवे स्टेशन पहुंच गया, लेकिन टे्रन की देरी से दिक्कत हुई। अब बस में सफर करना पड़ेगा।
- देवेंद्र वैध, यात्री..3