
जालोर. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सामान्य तौर पर एलोपैथी की कुछ टेबलेट्स, कैप्सूल या सिरप ही पर्ची पर लिखे जाते हैं, लेकिन एक अस्पताल ऐसा भी है जहां घरेलू चीजों के सेवन पर जोर दिया जाता है। यहां तक कि पर्ची पर उपचार की जगह यही सब लिखा जाता है। सरकारी अस्पताल की एक पर्ची में तो कम से कम यही नजर आया है। मामला जालोर के एक चिकित्सक द्वारा व्हाटï्सएप पर इस पर्ची को वायरल करने से उठा है। पर्ची सोशल मीडिया पर वायरल हुई। पर्ची पर तारीख नहीं है, लेकिन मरीज का नाम और क्रमांक नम्बर जरूर अंकित है। उपचार की जगह बाजरा व घी-गुड़ का नियमित सेवन करने की बात लिखी गई है। व्यायाम नियमित रूप से करने व हरीसब्जियां खाने की सलाह लिखी गई है। पर्ची में एक तरफ रक्त जांच व ब्लड प्रेशर लिख रखा है।
उपचार की कोई रिस्क नहीं
चिकित्सकों के सामूहिक अवकाश के दौर में सरकारी अस्पताल की पर्ची पर इस तरह का उपचार दिलचस्प लगा।सांथू अस्पताल में डॉक्टर भी अवकाश पर ही है।इन दिनों नर्सिंगकर्मी कमान संभाले हुए हैं। उपचार की ज्यादा रिस्क नहीं लेने की खातिर शायद इस तरह का उपचार दिया जा रहा है।
सर्दी में रहते है पौष्टिक
हालांकि चिकित्सकों की माने तो सर्दी में बाजरा, गुड़ व घी शरीर के लिए पौष्टिक माना जाता है। लेकिन सरकारी अस्पताल की पर्ची पर शायद ही चिकित्सक की ओर से लिखा जाता है। अमूमन चिकित्सक सर्दी में इन खाद्य पदार्थों का सेवन करने का मौखिक कहते है। लेकिन सांथू के राजकीय अस्पताल में मरीज के उपचार के लिए दवाई की जगह इन खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। जो कि सोशल मीडिया पर चर्चित रही।
सरकारी अस्पताल की एक पर्ची में तो कम से कम यही नजर आया है। मामला जालोर के एक चिकित्सक द्वारा व्हाटï्सएप पर इस पर्ची को वायरल करने से उठा है। पर्ची सोशल मीडिया पर वायरल हुई। पर्ची पर तारीख नहीं है, लेकिन मरीज का नाम और क्रमांक नम्बर जरूर अंकित है।
Updated on:
10 Nov 2017, 4:49 PM IST
Published on:
10 Nov 2017, 4:43 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.