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राजस्थान के जालोर के आहोर क्षेत्र के कोटड़ा गांव में दहशत का वातावरण रहा। गांव में एक पैंथर घुस आया। उसने महिला सहित दो जनों को हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया, जिन्हें लहूलुहान हालत में आहोर के अस्पताल में लाया गया। इधर, गांव की आबादी में आए पैंथर को ग्रामीणों ने एक कमरे में बंद कर दिया।
डीएफओ जयदेवसिंह यादव की सूचना पर जोधपुर से पहुंची टीम ने पैंथर को ट्रैंकुलाइज कर एक पिंजरे में बंद किया। रेस्क्यू ऑपरेशन करीब पांच घंटे चला। पैंथर को रेस्क्यू करने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
कोटड़ा गांव में 20 मिनट के अंदर पैंथर ने 2 लोगों को झपट्टा मारकर घायल कर दिया। गांव के रहने वाला चेलाराम सरगरा (63) सुबह खेत में अरंडी की फसल की निगरानी कर रहा था। इसी दौरान पहाड़ी की ओर से पैंथर आया।
पैंथर ने चेलाराम के सिर पर पंजा मारा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा। इतने में पैंथर भाग गया। मौके पर पहुंचे परिजनों व ग्रामीणों ने चेलाराम को आहोर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। ग्रामीणों ने वन विभाग को पैंथर के हमले की सूचना दी। वहीं चेलाराम पर हमला करने के करीब 20 मिनट बाद पैंथर लीलादेवी (58) पत्नी वजाराम के घर में घुस गया।
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लीलादेवी आंगन में घरेलू काम कर रही थी। पैंथर ने लीलादेवी पर हमला बोल दिया। पैंथर ने उसके चेहरे, पैर और पीठ पर पंजे मारे। हमले के बाद बदहवास लीलादेवी चिल्लाने लगी। चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी घर की ओर दौड़े। गंभीर घायल महिला को उपचार के लिए आहोर के अस्पताल लाया गया।
इतने में पैंथर लीलादेवी के घर के एक चारे वाले कमरे में घुस गया। शोर-शराबे के बीच पैंथर कमरे में रखी चारपाई के नीचे बैठ गया। गांव वालों ने उसे कमरे में ही बंद कर दिया। सूचना मिलने पर वन विभाग जोधपुर की टीम को बुलाकर पैंथर का रेस्क्यू किया गया।
Updated on:
25 Mar 2025 03:46 pm
Published on:
25 Mar 2025 03:46 pm
