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पुलिस ने नहीं पकड़े आरोपित, जांच पर सवाल

- ब्लैकमेलिंग के मामले में पुलिस व स्थानीय लोगों की मिलीभगत सामने आ रही है
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jalore news

पुलिस ने नहीं पकड़े आरोपित, जांच पर सवाल



जालोर. शहर की एक कॉलोनी में किराए का मकान लेकर युवकों को फांसने एवं ब्लैकमेलिंग के मामले में पुलिस व स्थानीय लोगों की मिलीभगत सामने आ रही है।हनी ट्रेप में फंसे युवक ने यह आरोप लगाया है।शहर में मकान किराए पर लेने एवं अन्य सुविधाओं के लिए आरोपितों को मदद देने वाले लोग भी इसमें बराबर के भागीदार बताए गए हैं। पीडि़त युवक ने पुलिस पर कार्रवाई करने में ढिलाई बरतने एवं आहोर कस्बे के दो युवकों पर आरोपितों से साठगांठ का आरोप लगाया है।उसका कहना था कि स्थानीय लोगों की मदद के बिना न तो मकान किराए पर मिल सकता है और न ही युवकों को फांस सकते हैं।ब्लैकमेल करने पर पुलिस को बताया भी, लेकिन एक युवक को गिरफ्तार कर मामला ढिलाई में डाल दिया।इससे पुलिस जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं।ज्ञातव्य है कि एक मोबाइल एप के जरिए लोगों को फांसने एवं अश्लील क्लीपिंग बनाने का मामला प्रकाश में आया है।इसमें फांस कर आरोपित युवकों को ब्लैकमेल करते थे। कुछ दिन पहले आहोर के एक युवक भी इस जाल में आ गया। उसने दो लाख रुपए में सौदा तय किया तथा पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मुम्बई निवासी नीरेंद्र दुबे को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन अन्य लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
रिकॉर्डिंग ले गया
आरोपितों ने किराए के मकान में कैमरे लगा रखे थे, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई के दौरान इन कैमरों की तलाशी तक नहीं ली। बताया जा रहा है कि हनी ट्रेप में फांसे युवकों को ब्लैकमेल करने के लिए आरोपित युवक इन कैमरों की रिकॉर्डिंग ले गया था।
भनक न लगे यह मुमकिन नहीं
मामला प्रकाश में आने के बाद शहर में चर्चा का विषय बना रहा।लोगों ने बताया कि इतने समय तक यहां यह गोरखधंधा चलता रहा, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी हो यह मुमकीन नहीं है।मकान को किराए पर दिलाने वाले एवं युवकों को हनी ट्रेप में फंसाने में सहयोग करने वालों के नामों को लेकर लोग दबी जुबान में चर्चा करते दिखे। बताया जा रहा है कि पीडि़तों की संख्या काफी ज्यादा होने की बात भी सामने आ रही है, लेकिन बदनामी के डर से कोई आगे नहीं आ रहा है।
आबू में सामने आ चुकी है मिलीभगत
इस तरह के मामलों में पुलिस की मिलीभगत का यह मामला नया नहीं है।प्रदेश के पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में कुछ समय पहले ही ऐसा हुआ है।हनी ट्रेप के जरिए लोगों को फांसने एवं ब्लैकमेल करने का पुलिस थानाधिकारी पर ही आरोप लग चुका है। जांच करने पर सामने आया कि जोधपुर के कुछ लोग भी इसमें शामिल थे।
कार्रवाई की है...
मामला कईदिन पहले का है।शिकायत के आधार पर हमने कारवाई कर मुम्बई के एक युवक को गिरफ्तार किया था। वैसे जांच अभी चल रही है।
-राजेंद्रसिंह, कोतवाल, जालोर