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कश्मीर के पत्रकारों का भाजपा नेता लाल सिंह के खिलाफ चुप्पी विरोध

पीडीपी के साथ गठबंधन टूटने के बाद से लगातार विपक्ष के हमलों का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी के सामने एक और परेशानी आ गई है...

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photos from jammu

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(जम्मू): पीडीपी के साथ गठबंधन टूटने के बाद से लगातार विपक्ष के हमलों का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी के सामने एक और परेशानी आ गई है। जम्मू में मीडिया हाउस और समाचार पत्रों के मालिकों ने स्थानीय बीजेपी नेता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक समूह बनाकर पत्रकार सडकों पर उतरे और मोन धारण कर उन्होंने अपना विरोध व्यक्त किया। यह सभी बीजेपी नेता लाल सिंह के उस बयान के बाद विरोध में उतर आए है जिसमे उन्होंने पत्रकारों को धमकी दी थी।

यह है पूरा मामला

समाचार पत्रों और मीडिया हाउस के पत्रकारों और मालिकों ने मंगलवार को राजनिंग कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार और संपादक शुजात बुखारी की हत्या और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता लाल सिंह की पत्रकारों को धमकी देने की निंदा की और मौन विरोध का आयोजन किया। पत्रकार यहां प्रेस एन्क्लेव में इकट्ठे हुए और घंटाघर (क्लॉक टॉवर) लाल चौक तक गए।


पत्रकारिता कोई अपराध नहीं

यहां पहुंच कर पत्रकारों ने विरोध का अलग तरीका अपनाया उन्होंने करीब आधे घंटे तक मौन धारण कर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों के हाथ में बैनर थे। इन बैनरों पर स्लोगन लिखे हुए थे जिसके माध्यम से उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि पत्रकारिता अपराध नहीं है और शुजात की हत्या का विरोध करेंगे भले ही इसमें पत्रकार अकेले ही क्यो ना हों।

बीजेपी नेता के बिगडे बोल

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या के बाद बीजेपी नेता लाल सिंह ने एक बयान में कहा था कि कश्मीर के मीडियाकर्मी शुजात बुखारी केस में राज्य का माहौल बिगाड रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों को अपनी लाइन खुद खींच लेनी चाहिए। उन्होंने धमकी भरे शब्दों में कहा कि पत्रकार यह तय कर ले उन्हें कैसे रहना है। शुजात बुखारी की जैसे रहना है तो यह भी ध्यान रखे कि उनके साथ क्या हुआ?