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आतंकवादियों ने उत्तरी कश्मीर के विधायक की सुरक्षा मे तैनात पुलिसकर्मी की राइफल लूटी

इससे पहले भी राज्य के विभिन्न हिस्सों से ऐसी ख़बरें सामने आती रही है...

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(श्रीनगर): उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ सटे कु़पवाड़ा जिले में मंगलवार को आतंकियों ने एक पुलिसकर्मी पर अचानक हमला कर उसकी राइफल लूट ली। कुपवाड़ा में किसी पुलिसकर्मी से उसकी राइफल लूटे जाने का यह पहला मामला है। आतंकी हमले का शिकार पुलिसकर्मी मोहम्मद इसहाक स्थानीय विधायक और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के वरिष्ठ नेता अब्दुल हक खान के मैदानपोरा, लोलाब दौरे के मद्देनजर सुरक्षा प्रबंधों में तैनात था। घटना मैदानपोरा के कनाधार इलाके में मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे के करीब हुई। कांस्टेबल इसहाक अहमद पर दो से तीन आतंकियों ने अचानक हमला कर राइफल छीन ली। जब तक पुलिसकर्मी अपने साथियों को मदद के लिए पुकारता या अन्य सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचते, आतंकी उसकी एसाल्ट राइफल लेकर फरार होने में कामयाब रहे।

पहले भी सामने आए ऐसे मामले

यह पहला मामला नहीं है जब आतंकवादियों ने किसी सुरक्षाकर्मी से हथियार छिन लिए हो। इससे पहले भी राज्य के विभिन्न हिस्सों से ऐसी ख़बरें सामने आती रही है। बीते दिनों आतंकियों ने शोपियां में कांग्रेस नेता के घर पर हमला कर सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों से चार राइफल छिन ली थी। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। राइफल लूटने की बात की पुष्टि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने की।


युवा पकड़ रहें आतंक की राह

एक और आतंकी सुरक्षार्मियों को शिकार बना रहे वहीं इस बात का खुलासा हुआ है कि बीते दिनों में बड़ी संख्या में राज्य के युवकों ने आतंकी संगठनों की ओर रूख किया हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि बीते सात महीने में 87 युवा पहले तो अपने घर से लापता हुए और कुछ दिनों के बाद उनके आतंकी संगठनों में शामिल होने की सूचना मिली। राज्यपाल शासन भी युवाओं के आतंकी संगठनों में मिलने की इस समस्या को रोकने में ज्यादा कारगर साबित नहीं हुआ क्योंकि 87 में से 12 युवाओं ने राज्य में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद आतंकी राह पकड़ ली। बता दें कि राज्य में 20 जून को राज्यपाल शासन लागू किया गया था।

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