
रोड सेफ्टी का संदेश देने 15 सौ किमी का सफर तय कर शहर पहुंची बालासोर रायल्स के बाइकर्स
जांजगीर-चांपा. राष्ट्रीय रोड सेफ्टी वीक के तहत 5 जनवरी से ओडिशा से बालासोर रायल्स की टीम के सभी 20 मेंबर अपनी-अपनी बुलेट बाइक से 5 जनवरी से निकले हैं और 5 दिन में 15 सौ किमी का सफर पूरा करते हुए शुक्रवार को शहर में पहुंचे थे। टीम के सेकेटरी सोम्यो रंजन दास ने बताया कि 2012 में उनकी यह रायल्स टीम असितत्व में आई। मकसद केवल यही था कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को यातायात नियमों के उन बारीकियों को बताएं जो अक्सर हादसों की वजह बनते हैं। उनकी टीम 2012 से पिछले साल ओडिशा राज्य के लगभग सभी शहरों में घूम-घूमकर लोगों को रोड सेफ्टी के लिए अवेरनेस कर चुकी थी। ऐसे में इस साल पहली बार राज्य से बाहर निकलने का प्लान बनाया और छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को चुना।
जिस तरह सरकार हर साल सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाती है, उस तरह हमारी टीम भी हर साल इसी तरह एक वीक तक लोगों को अवेयरनेस करती है। 5 जनवरी को उनके सफर की शुरूआत हुई। बता दें, ओडिशा में रोड सेफ्टी के लिए यह टीम काफी प्रसिद्ध हैं। इस कार्य के लिए टीम को वहां के परिवहन मंत्री समेत प्रशासन द्वारा पुरस्कृत भी किया जा चुका है।
बुलेट बाइक से ही चलते हैं सभी मेंबर
इस टीम में 20 मेंबर इस सफर में शामिल हैं। खास बात यह है कि सभी मेंबर केवल बुलेट बाइक में ही चलते हैं। सभी बुलेट रायल्स कंपनी की है इसलिए क्लब का नाम ही बालासोर रायल्स रखा है। सफर के दौरान बकायदा रूल्स भी हैं। जिसमें हर मेंबर का एक नंबर है। उसी क्रम से ही रोड पर चलते हैं। जैसे 1 नंबर वाला मेंबर सबसे आगे चलता है तो 20 नंबर का मेंबर सबसे पीछे। सबके बाइक और हेलमेट में नंबर लिखे होते हैं। एक नंबर पर चलने वाला पॉयलट होता है जो रास्ता दिखाता है।
अमरकंटक होते शहर में पहुंचे
सेके्रटरी सोम्यो रंजन दास ने बताया कि इन पांच दिनों में ओडिशा से झारसगुड़ा होते हुए अंबिकापुर, फिर बांधवगढ़ और वहां से जबलपुर और अमरकटंक होते हुए आज जांजगीर शहर में पहुंचे हैं। इस दौरान कई शहरों में कैंप कर लोगों को रोड सेफ्टी के लिए जागरूक किया गया। अब यहां से संबलपुर होते हुए वापस ओडिशा जाएंगे।
खुद के खर्च से पूरा सफर
टीम में 20 साल के युवा से लेकर 45 साल तक के मेंबर हैं। सभी मेंबर प्राइवेट जॉब या बिजनेस करते हैं जो हर साल इसी तरह रोड सेफ्टी के लिए सफर करते हैं। सफर के दौरान पेट्रोल, खाना-पीना, होटल में रूकने का सारा खर्च भी सभी मेंबर आपस में इक_ा कर उठाते हैं। कुछ दोस्त और भी हैं जो भी कुछ फंडिंग कर देते हैं।
Published on:
10 Jan 2020 07:54 pm
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