
मुखबिर की मौत दर्ज थी हादसे में, पत्रिका के खुलासे पर हुई जांच तो निकली हत्या, चार आरोपी जेल दाखिल
जांजगीर-चांपा. नवागढ़ थाना अंतर्गत ग्राम केरा में गत 29 जुलाई को चार पहिया वाहन से दुर्घटनागस्त कर पुलिस के मुखबिर को मौत के घाट उतारने वाले वाहन में जहां पुलिस भी प्रारंभिक जांच में इसे महज एक दुर्घटना का मामला बता कर पल्ला झाड़ रही थी, वहीं पत्रिका की पड़ताल में यह साबित हो गया कि यह दुर्घटना पूरे प्लान के तहत की गई थी और उसमें हुई मौत महज दुर्घटना नहीं बल्कि एक हत्या थी। पुलिस ने इस मामले में रविवार को खुलासा किया जांच में मामला हत्या का पाया गया और इसमें शामिल चारों आरोपियों को जेल दाखिल किया गया है।
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डीएसपी मुख्यालय निकोलस खलखो ने मामले का खुलासा करते हुए जानकारी दी कि इस मामले में नवागढ़ पुलिस ने सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज किया था, लेकिन जब इस मामले को लेकर पत्रिका ने संदेह जाते हुए सभी तथ्यों के आधार अपने ३० जुलाई के अंक में खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया तो तुरंत मामले में संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक नीतु कमल ने इसकी गंभीरता से जांच के लिए क्राइम ब्रांच प्रभारी विजय चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी। इतना ही नहीं एसपी खुद मामले की जांच में मौके पर गईं थी।
पुलिस ने मामले को कुरेदना चाहा, लेकिन गवाह काफी डरे थे और कोई बोलने वाला नहीं थी। अंतत: जब इस मामले की बारीकी से जांच की गई और आरोपी पक्ष के पुराने अपराधों को खंगाला गया तो पूरा मामला आइने की तरह साफ हो गया। इतना ही नहीं इस मामले में गांव के कई लोगों ने न सिर्फ गवाही दी, बल्कि पुलिस पड़ताल में भी यह सामने आई कि जिस तरह से इस पूरी घटना को दुर्घटना का रूप दिया गया वह पूरे प्लान व रंजिश के तहत किया गया है।
इस तरह पुलिस ने रविवार को मामले का केरा हत्याकांड के रूप में रविवार को खुलासा किया। पुलिस ने मृतक शिवा बंजारे पिता जगेश्वर बंजारे (३०) को बोलेरो से कुचलकर मारने के आरोप में केरा निवासी वाहन चालक दीपक लहरे, घासीराम बंजारे, रामखिलावन तथा पुनीराम बंजारे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया है। मामले को लेकर यह बताना लाजिमी होगा कि पुलिस ने पहले साधारण दुर्घटना के तहत धारा २७९, ३३७ के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। पुलिस की इस कार्रवाई पर पत्रिका ने सवालिया निशान लगाते हुए ३० जुलाई के अंक में बोलेरो की टक्कर से युवक की मौत, हत्या का आरोप, पुलिस बता रही सड़क दुर्घटना शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था।
खबर में बताया गया था कि आरोपी दीपक लहरे मूलरुप से हसौद का निवासी है, जो केरा के पुनीराम बंजारे का भांजा है और उसके यहां रहकर पुनीराम का सारा काम देखता है। जबकि पुनीराम बंजारे अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है और उसके खिलाफ नवागढ़ थाने सहित अन्य थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें अवैध शराब बेचने का मामला प्रमुख है। वह क्षेत्र में कई बार आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हुए पकड़ा गया था और इसका श्रेय भले ही पुलिस ने लिया हो, लेकिन हकीकत यह है कि इसकी जानकारी पुलिस को शिवा देता था। पुलिस के किसी आदमी ने यह जानकारी जब पुनीराम को दी तो वह उससे रंजिश रखने लगा। २९ जुलाई की सुबह दीपक ने शिवा के ऊपर वाहन चढ़ा दिया। डीएसपी खलखो ने बताया कि पहली टक्कर में शिवा दूर जा गिरा। इसके बाद दीपक ने बोलेरो को बैक कर वापस शिवा पर चढ़ा दिया।
प्रेस कांफ्रेंस में हंगामा
पुलिस ने जब खुलासे के समय पत्रकारों के सामने आरोपियों को नहीं पेश नहीं किया और आरोपियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने पामगढ़ भेजने की बात कही तो पत्रकारों ने मामले के कई पहलू को छुपाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया और आरोपियों से सवाल-जवाब करने की मांग की। इस पर डीएसपी खलखो ने असमर्थता व्यक्त की। कुछ देर बाद जब हंगामा थमा तो प्रेस कांफे्रंस को करायी गयी।
आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज
लोगों व पुलिस के सूत्रों की मानें तो इस मामले के आरोपी दीपक लहरे पिता जीतू लहरे, पुनीराम बंजारे के खिलाफ नवागढ़ थाने में ही कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। देवरी मोड़ के पास हसदेव नदी के किनारे स्थित एक ढाबे में लड़की लाकर पुनीराम बंजारे रखता था और उनसे देहव्यापार करवाता था। पुलिस ने यहां रेड मारकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी। इसके अलावा भी पुनीराम बंजारे के खिलाफ थाने में अवैध शराब व गांजा बेचने सहित मारपीट के कई मामले दर्ज हैं।
Updated on:
20 Aug 2018 01:17 pm
Published on:
20 Aug 2018 01:15 pm
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