9 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देश के कोने-कोने तक पहुंच रहा शिवरीनारायण के खरबूज और तरबूज की मिठास, पढि़ए खबर…

- महानदी तट पर फल एवं सब्जियों की भरपूर पैदावार होने से बेहद खुश हैं किसान

2 min read
Google source verification
देश के कोने-कोने तक पहुंच रहा शिवरीनारायण के खरबूज और तरबूज की मिठास, पढि़ए खबर...

जांजगीर-चांपा. शिवरीनारायण से तरबूज और खरबूज के फल बजार में लोगों को लुभाने के लिए आने लगे हैं। इसकी मिठास से जिले सहित राज्य के लोग तो भली भांति परिचित है, लेकिन सबसे अहम यह है कि अब इसकी मिठास की पहचान मुंबई तक पहुंच चकुी है। यहां बड़ी मात्रा में खरबूज एवं तरबूज मुम्बई, नासिक, शहडोल, भोपाल, जबलपुर भुनेश्वर इत्यादि बड़े शहरों में भेजा जा रहा है।

व्यापारियों की माने तो यहांं से हर दिन सात से आठ ट्रक माल बाहर भेजा जा रहा है। महानदी तट पर फल एवं सब्जियों की भरपूर पैदावार होने से किसान बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया की इस बार अच्छा मौसम होने से कीटनाशक दवाइयों की लागत भी कम आई है। साथ ही इस वर्ष फलों का साइज बड़ा एवं मिठास भरपूर है।

Read More : नए स्कूल खोलने के लिए डीईओ दफ्तर में आवेदनों का अंबार

धार्मिक नगरी शिवरीनारायण एवं आसपास के क्षेत्रों में झबड़ी, पिकरी मल्दा, मड़कड़ा, थरहीडीह, बलौदा गिधौरी, घटमडवा, पुलेनी, पहंदा तुस्मा, दुरपा, कनस्दा, मुड़पार, देवरी, खोरसी एवं अन्य गांवो में हजारों किसान महानदी के रेत पर बाड़ी लगाकर फल एवं सब्जियों की खेती कर रहे हैं। इसमें प्रमुख रूप से तरबूज, खरबूज, लौकी, मखना का उत्पादन हो रहा है। दिसम्बर माह मे ही किसान तैयारियों मे जुट जाते हैं।

नदी की रेत में ही ये घरौंदा बनाकर रहने लगते हैं। पहले रेत में क्यारियां बनाई जाती है। फिर निश्चित दूरी में गढ्डा बनाकर गोबर खाद, यूरिया सुपरफास्फेट एवं अन्य रासायनिक दवाइयों का मिश्रण कर उसमें भरा जाता है। फिर उसमें चयनित पौधों को एक-एक रोपा जाता है। कड़ी धूप में दिन रात सेवा-जतन कर रखवाली की जाती है। तब कही जा कर भरपूर फसल की पैदावार होती है। फसल पकने के बाद उसे कांवर सीका के माध्यम से ढुलाई कर बाजार में ले जाते हैं। रमेश आदित्य, मनोज यादव ने बताया कि उसने एक एकड़ मे तरबूज लगाया, जिसमें एक ट्रक लगभग 12 टन तरबूज की फसल हुई।