
टॉपिक ऑफ द डे
जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे अखिलेश सिंह सेंगर शामिल हुए। उनका मानना है कि शिक्षा के लिए शासन स्तर से तो प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसकी ज्योत को फैलाने सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है।
शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे सेंगर ने बताया कि उनके स्कूल में पांच ऐसे विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जो शासन की आरटीई योजना से छूट गए थे। उन्होंने बताया कि आज भी कई ऐसे परिवार हैं, जो किन्हीं कारणों से योजना के तहत स्कूलों में प्रवेश नहीं ले पाते और अभावग्रस्त जीवन जीने मजबूर हैं।
इस संबंध में उन्होंने बताया कि स्कूल के प्रचार के लिए जिला मुख्यालय जांजगीर के रानी बरछा क्षेत्र में गए थे, तब वहां एक परिवार ऐसा मिला, जिनके बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे थे। पालकों से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि वे बच्चों को स्कूल भेजना तो चाहते हैं, लेकिन वे सक्षम नहीं है।
इस संबंध में स्कूल में अन्य डायरेक्टर्स से चर्चा करने पर सभी उन्हें शिक्षा उपलब्ध कराने सहमत हो गए और बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिया गया। इसके बाद कई परिवार सामने आएए जिनमें से जरुरतमंद परिवार के पांच बच्चे नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने अन्य स्कूल संचालकों के साथ आम लोगों से आग्रह किया कि सभी का दायित्व है कि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित ना रहे।
इसी तरह उन्होंने बताया कि वर्तमान दौर डिजिटलाइजेशन का है, जिसमें प्रोजेक्टर व अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों के माध्यम से स्कूलों में शिक्षा प्रदान किया जा रहा है, लेकिन शिक्षा का मूल किताब व कापियां हैं, जहां बच्चा पढऩे व लिखने की क्षमता विकसित करता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए आधुनिकता की ओर आगे बढऩा होगा।
उन्होंने शिक्षकों से आधुनिक शैली अपनाते हुए परंपरा के साथ तालमेल बैठाने का आग्रह किया है, जिससे बच्चों का समुचित विकास हो सके। उन्होंने पालकों से बच्चों की रूचि अनुसार पढ़ाई पर ध्यान देने की बात कही। उनका मानना है कि बच्चे का रिपोर्ट कार्ड नहीं उनका अभिरूचि देखें, वह प्रगति का सोपान तय करता जाएगा।
Published on:
10 Apr 2018 05:47 pm
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