
आखिर किसकी लगी नजर कि बीडीएम गार्डन को दुल्हन की तरह सजाने की योजना हुई फेल, पढि़ए खबर...
जांजगीर-चांपा. जिला मुख्यालय का बिसाहू दास महंत गार्डन को वाई-फाई जोन बनाने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई। डेढ़ साल पहले नगरपालिका ने इसे वाई-फाई जोन बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन इसकी फाइल नगरपालिका में धूल फांक रही है।
बताया जा रहा है कि वाई-फाई जोन बनाने के लिए बड़े बजट की जरूरत पड़ती। क्योंकि इसका हर माह का बिल भारी भरकम आता है, जिसके चलते योजना मूर्त रूप नहीं ले पाई।
शहर के बीडीएम गार्डन को नगरपालिका द्वारा दुल्हन की तरह सजाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए नगरपालिका के पीआईसी कमेटी ने हामी भर दी थी। इस काम के लिए पार्षदों ने अपने मद से राशि देने भी तैयार थे। लेकिन डेढ़ साल बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। योजना यह भी थी कि वाई-फाई जोन बनने के बाद शहर के लोग यहां ठहरकर नेट का इस्तेमाल करते एवं सुकून के छांव बिता सकते, लेकिन नगरपालिका के कार्यकुशलता के अभाव के चलते योजना खटाई में चली गई है।
बताया जा रहा है कि इसके लिए बजट का अभाव था और पार्षदों ने भी अपने मद की राशि को देने से इनकार कर दिया, जिसके चलते योजना ठंडे बस्ते में चली गई। डेढ़ साल पहले नगर पालिका ने बच्चों के लिए यहां झूले की संख्या भी बढ़ाई थी। वह भी पूरी तरह से टूटकर बिखर गए। इसके अलावा लोगों के बैठने के लिए चेयर की संख्या में बढ़ाने की योजना थी वह भी मूर्त रूप नहीं ले पाई। जिसके चलते नगरपालिका का यह गार्डन अब बदहाली की ओर पांव पसार रहा है।
दस-दस हजार रुपए चंदा देने का किया वादा
गार्डन में वाई-फाई जोन बनाने व आवश्यक विकास के लिए नगरपालिका नगरपालिका को तकरीबन छह लाख रुपए खर्च की स्टीमेट बनाई थी, जिसके लिए प्रत्येक पार्षदों से दस-दस हजार रुपए पार्षद निधि से चंदा लेना था। यदि पूरे पार्षद इतने रकम का चंदा देते हैं तो पार्षद व एल्डरमेन मिलाकर तकरीबन तीन लाख रुपए इक_ा होता। इसके अलावा नगरपालिका के विकास मद से तीन लाख रुपए मिलाकर छह लाख रुपए खर्च कर वाई-फाई जोन बनाना था, लेकिन योजना पूरी तरह से ठंडे बस्ते में चली गई।
उल्टे बना कबाड़ खाना
नगरपालिका का बीडीएम गार्डन दिन-ब-दिन कबाडख़ाना बनते जा रहा है। यहां की हरियाली व छटा बिखेरने केवल एक दिन ताम झाम किया जाता है। 23 जुलाई को बीडीएम के जन्म दिवस पर यहां कांग्रेसियों सहित लोगों की भीड़ जुटती है और शहर के लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं, लेकिन बीडीएम की बदहाली को देखकर उनका भी मोहभंग हो जाता है। यहां के कुर्सी के झूले सहित सारे संसाधन टूट चुके हैं, जिसके चलते बच्चे भी यहां नहीं पहुंच पाते।
फेल हुई योजना
शहर के बीडीएम गार्डन में वाई-फाई जोन बनाने की तैयारी चल रही थी, लेकिन आर्थिक अभाव के चलते योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी- आशुतोष गोस्वामी, उपाध्यक्ष नपा जांजगीर नैला
Published on:
12 Jun 2018 05:55 pm
बड़ी खबरें
View Allजांजगीर चंपा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
