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नवधा सुनने गया था परिवार, घर लौटते ही भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट, ये थी वजह…

- पुलिस ने इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर दिया है

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नवधा सुनने गया था परिवार, घर लौटते ही भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट, ये थी वजह...

नवधा सुनने गया था परिवार, घर लौटते ही भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट, ये थी वजह...

जांजगीर-चांपा. एक नवंबर को पेंड्री के डबरी नाला में एक अज्ञात युवक की सिर कुचली लाश मिली थी। मृतक की पहचान पेंड्री निवासी सुशील साहू के रूप में हुई थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच कर रही थी। 48 घंटे के भीतर पुलिस ने हत्या के इस मामले की गुत्थी सुलझा ली है। भाभी के साथ देवर को गलत काम करते देख लिया था, इसलिए परिवार के सभी सदस्य मिलकर अपने ही खून को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर दिया है।

हसौद पुलिस के अनुसार 27 अक्टूबर को मृतक सुशील साहू का भाई प्रेम लाल साहू एवं उनके परिवार वाले नवधा सुनने गए थे। घर में सुशील साहू व उसकी भाभी अकेली थी। रात 10 बजे के करीब जब परिवार वाले घर पहुंचे तब देखे कि सुशील अपने भाभी के साथ गलत काम कर रहा था। इस दौरान फागू राम व सुशील के बीच मारपीट हो गई। मारपीट के दौरान फागूराम ने लोहे का रॉड लाया और सुशील के सिर पर जानलेवा हमला कर दिया। इससे सुशील की मौत हो गई। शव को रात भर घर में रखे थे। फिर दूसरे दिन शव का ठिकाना लगाने के लिए दूसरे दिन साइकिल के बीच रखकर डबरी नाला में फेंक दिए। जांच पड़ताल के बाद पुलिस नतीजे पर पहुंच गई और आरोपी प्रेमलाल पिता माधव साहू, फागूलाल पिता माधव साहू, माधव साहू, गीता बाई पति प्रेमलाल साहू, रमला बाई पति माधव साहू को धारा 302, 201, 34 के तहत जुर्म दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक रिमांड में भेज दिया।
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परिजन बोल रहे थे झूठ
हत्या के बाद पुलिस जब परिजनों से पूछताछ की तब उनका कहना था कि सुशील 27 अक्टूबर को रायपुर चला गया था, लेकिन जब पुलिस ने सुशील के काल डिटेल निकाले तब उसका लोकेशन पेंड्री ही बताया। इससे साफ जाहिर होता है कि सुशील रायपुर नहीं गया था, बल्कि उसके परिजन रायपुर जाने की बात झूठ बोल रहे थे।

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