
CG Assembly Election 2023 : किसानों का छलका दर्द, धान के लिए भरपूर पानी दे रहे, पर धान बेचें कहां?
CG Assembly Election 2023 : जिला मुख्यालय की सीमा को छोड़ते हुए हम जैसे ही जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र के गांवों की ओर रुख करते हैं तब नेशनल हाईवे का जानलेवा चौराहा हमारी दिल की धड़कने तेज कर देता है। क्योंकि इस चौराहे के आगे पीछे किसी तरह का संकेतक बोर्ड नहीं लगा है। वहीं जानलेवा गड्ढे पार कर हमें नवागढ़ ब्लाक मुख्यालय जाना पड़ता है। (CG Assembly Election) इसके आगे हम सबसे पहले गांव सुकली पहुंचे, जहां गन्ना रस दुकान के संचालक सोनसाय कश्यप से विधानसभा में क्षेत्र के विकास के बारे में चर्चा की तो उन्होंने तपाक से कहा कि विकास की बातें करने वाले नेता केवल वोट मांगने के लिए क्षेत्र का दौरा करते हैं। बाकी दिनों में उन्हें जनता की याद नहीं आती।
क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या इन दिनों यह है कि बड़ी तादात में रबी फसल में नहर से धान की बोनी तो की है, लेकिन अब इस धान को बेचेंगे कहां? क्योंकि सरकार रबी फसल के धान को खरीदती नहीं। ऐसे में औने-पौने दामों पर बिचौलियों को धान बेचना पड़ता है। यहां से हम नवागढ़ पहुंचे तो जगमहंत चौक पर पेड़ की छांव में बड़ी तादात में लोग बैठे थे। ( CG Election2023) यहां किसान उत्तरा कश्यप ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी की है। सरकार बेरोजगारी भत्ता देने की बात की है, लेकिन अब तक किसी को मिला नहीं है। सरकार चुनाव में घोषणा की थी लेकिन साढ़े चार साल बीतने के बाद घोषणा को अमल कर रही है।
न्याय योजना का पैसा अब तक नहीं मिला
हम अवरीद भाठापारा पहुंचे तो चौराभाठा निवासी अंतराम ने कहा कि सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना की बात करती है। (CG vidhan sabha election 2023) जिसका पैसा आज तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आज समितियों में धान बिक्री किए छह माह बीत गए लेकिन खाते में राशि नहीं आई। ऐसे में किसानों को कहां का न्याय मिल रहा है।
कृषि प्रधान जिले में महंगाई की मार
जांजगीर चांपा जिला कृषि प्रधान जिला है। यहां 88 फीसदी रकबे में नहर के पानी से सिंचाई सुविधा है। दुखद यह है कि यहां धान की बंपर पैदावारी की जाती है लेकिन किसान केवल 15 क्विंटल धान ही समितियों में बिक्री कर पाते हैं। (CG vidhan sabha election) शेष धान को औने-पौने दामों पर सेठ साहूकारों के पास बेचने मजबूर हैं। क्योंकि प्रति एकड़ में किसान 30 क्विंटल धान की उपज लेते हैं। किसानों का कहना है कि यदि सरकार 20 क्विंटल धान खरीदी करे तो उन्हें मुनाफा होगा।
विकास के लिए साढ़े चार साल में नहीं आया फंड
जांजगीर चांपा विधानसभा के सबसे चर्चित गांव सेमरा में पान ठेले पर तकरीबन एक दर्जन लोग पेड़ की छांव में बैठे गप्पे मार रहे थे। कोई बस का इंतजार कर रहा था तो कोई बिजली गुल होने से खुली हवा का आनंद ले रहा था। (CG Vidhan Sabha Election) यहां विनोद कुमार साहू ने बताया कि सरकार के साढ़े चार साल बीत गए लेकिन ग्राम विकास के लिए फूटी कौड़ी नहीं आई। आदर्श ग्राम में न तो नाली की समस्या सुलझी और न ही स्ट्रीट लाइट जल रही है। ऐसे में आदर्श ग्राम का सपना केवल सपना ही लग रहा है।
Published on:
21 May 2023 04:28 pm
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