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CG News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बीएड, डीएड महाविद्यालय संचालकों ने शिक्षा को कमाई का जरिया बना लिया है। भोले-भाले छात्रों व मौका का फायदा उठाते हुए दो से तिगुना पैसा वसूल कर एडमिशन लिया जा रहा है। पैसा नहीं देने पर एडमिशन नहीं लेने की बात कह रहे हैं। ऐसे में खासकर गरीब तबके के छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को डीएड, बीएड संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की है।
जिले के अधिकांश निजी डीएड, बीएड कॉलेजों में लूट मची हुई है। शिक्षा को कमाई का जरिया बना लिया है। कई महाविद्यालय में अटेडेंस भरने का लाखों रुपए लिया जाता है तो कई महाविद्यालय में भर्ती के नाम दो से तिगुना पैसा वसूल किया जा रहा है।
इस संबंध में डीएड, बीएड संघ के सदस्य बड़ी संख्या में शुक्रवार को कलेक्टोरेट पहुंचे और कलेक्टर से संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। उन्होंने बताया कि सरकार के मापदंड के अनुसार से विद्यार्थियों से मनमानी तरीके से बीएड में 30 हजार फीस की जगह 80 से 90 हजार रुपए लिया जा रहा है।
साथ ही रसीद सिर्फ 30 हजार का दिया जाता है। वहीं डीएड में 20 हजार की जगह 60 से 70 हजार रुपए फीस लिया जा रहा है। सभी कॉलेज में माफिया राज चल रहा है। इससे गरीब वर्ग और मध्यम वर्ग अच्छा शिक्षा से वंचित हो जा रहे हैं और जिस विद्यार्थी का नाम काउंसलिंग में आ रहा है।
उनको रेगुलर करने की बात पर एडमिशन नहीं दे रहे हैं और विरोध करने पर विद्यार्थियों को धमकाया जाता है कि एडमिशन लेने के बाद एक दिन भी अनुपस्थित होने पर एग्जाम में बैठने नहीं देंगे बोला जाता है। इससे कोई विद्यार्थी इसका विरोध नहीं कर पा रहा है और एक दिन अनुपस्थित होने पर एक दिन का अनुपस्थित फीस 500 से 1000 लिया जाएगा खुलेआम बोला जा रहा है।
Updated on:
26 Oct 2024 01:25 pm
Published on:
26 Oct 2024 01:23 pm
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