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CG News: अतिक्रमणकारियों ने 25 एकड़ सरकारी भूमि में कब्जा कर किया अपने नाम, फिर पर्ची से सरकार को बेचा धान… जानें पूरा मामला

CG News: शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम केसला में एक दशक पहले गांव के कुछ लोगों ने सरकारी भूमि में ऐसा कब्जा किया कि गांव में मवेशियों के चारागाह के लिए भी जमीन नहीं बचाई।

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CG News: अतिक्रमणकारियों ने 25 एकड़ सरकारी भूमि में कब्जा कर किया अपने नाम, फिर पर्ची से सरकार को बेचा धान... जानें पूरा मामला

CG News: शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम केसला में एक दशक पहले गांव के कुछ लोगों ने सरकारी भूमि में ऐसा कब्जा किया कि गांव में मवेशियों के चारागाह के लिए भी जमीन नहीं बचाई। हद तो तब हो गई जब रायपुर के किसी शख्स ने 10 एकड़ सरकारी भूमि को अपने नाम कर लिया। विडंबना यह है कि, इन्ही जमीन के कागजात से कुछ लोगों ने सरकार को धान भी बेच दिया है। ऐसे में तुलसी किरीत की घटना सामने आ रही है। यदि मामले की सही तरीके से जांच की जाए तो तुलसी किरीत की तरह दर्जनों लोग फिर जेल जाने से नहीं बच पाएंगे। इसके लिए ग्राम पंचायत की नई बाडी ने मोर्चा खोल दिया है।

नवनिर्वाचित सरपंच ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मिलकर मामले की शिकायत शिवरीनारायण तहसीलदार से की है। इधर शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार व पटवारी उक्त जमीन की जांच के लिए मौका मुवायना करना शुरू कर दी है। सरपंच का आरोप है कि इस कूटरचना में पूर्व पटवारी का नाम सामने आ रहा है। जिसने सरकारी भूमि को निजी लोगों के नाम पर बेच दिया है। बाकायदा उनके नाम का नामांतरण भी कर दिया है। अब सरपंच ने मामले को लेकर आवाज उठाई तो पूर्व पटवारी के हाथ पांव फूलने लगे हैं।

तुलसी किरीत टाइप धान भी बेचा

बताया जा रहा है कि गांव के एक ही व्यक्ति के नाम जो छतराम पिता सोनाउ के नाम रकबा दस एकड़ नामांतरण कर दिया गया है। आप सोंच सकते हैं कि 10 एकड़ सरकारी जमीन को यदि किसी के नाम किया जाए तो कितना बड़ा जुर्म है। सरपंच अंबिका यादव ने आरोप लगाई है कि कम से कम दो करोड़ की जमीन को किसी एक आदमी के नाम करने के लिए पटवारी नोनिया ने लाखों रुपए लिए हैं। यही वजह है कि अब तहसीलदार मामले की बचाने में लीपापोती करने में पीछे नहीं हट रहे हैं।

यह भी पढ़े: Bharatmala Project: भारतमाला फर्जीवाड़ा पार्ट-2 की तैयारी, प्रतिबंध के बावजूद 33 जमीनों की रजिस्ट्री

नहीं तो करेंगे चक्काजाम…

केसला गांव की सरपंच अंबिका यादव ने शिवरीनारायण तहसीलदार से शिकायत की है कि गांव के तकरीबन 25 एकड़ सरकारी भूमि में कुछ लोगों ने कब्जा कर अपने नाम पर चढ़ा लिया है। इसमें तत्कालीन पटवारी की भूमिका संदिग्ध है। वहीं उक्त पटवारी के करतूत को सुधारने में वर्तमान तहसीलदार बेहद सक्रिय नजर आ रहे हैं। क्योंकि शिकायत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और वे निस्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय का घेराव करते हुए मामले की जांच की मांग की है। नहीं तो आने वाले दिनों में चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।

गांव में चरागन की समस्या

शिकायत करने वालों में बेदबाई, राजवंतिन, कौशिल्या बाई सहित अन्य ने बताया कि गांव के सत्यनारायण साहू, बुधराम साहू, रघुवीर साहू, देवचरण साहू सहित अन्य दर्जनों लोगों ने अपने व बच्चों के नाम सरकारी भूमि की बिक्री कर दी है। जिसमें गांव के धरसा खार, कटियाखांड़, कंजीनाला पार, पूंजीपथरा खार, कछार खार की तकरीबन 30 एकड़ भूमि में पहले चरागन होती थी, लेकिन अब इन जमीनों में ग्रामीणों ने बेच खाया।

यह है सरकारी भूमि जो बिक चुकी

खसरा नंबर रकबा

  1. 461/1 10.5
  2. 1159/2 0.50
  3. 1159/3 0.50
  4. 673/2 0.37
  5. 673/4 0.38
  6. 673/5 0.38
  7. 673/6 0.37
  8. 939 0.68
  9. 800/1D/1 4.5
  10. 800/1D/2 4.5
  11. 800/1D/3 4.5
  12. 800/1D/4 4.5

योग=लगभग 30 एकड़

मामले की शिकायत हुई है तो गंभीरता पूर्वक जांच कराएंगे और हर हाल में केसला गांव में जितनी भी सरकारी भूमि बेची गई है उसे बेदखल कर पूर्ववत बनाएंगे। - सुब्रत प्रधान, एसडीएम, जांजगीर

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