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साथ ही अगर नोटिस का जवाब समाधान कारक नहीं पाए जाने पर ६ वर्षो के लिए पार्टी से निष्कासित किया जा सकत है।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान अक्टूबर माह में पामगढ़ विधानसभा के गांव कुटराबोड़ आगमन हुआ था। मुख्यमंत्री आगमन के दौरान हैलीपेड में आपस में ही कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़ गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आपस में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई भी करने लगे। इसकी जानकारी कांग्रेस आलाकमान को हुई तो तत्काल हरकत में आ गए। साथ ही विवाद करने वाले कांग्रेस के ६ कार्यकर्ताओं ऊपर कार्रवाई की गाज गिरी। पार्टी आलाकमान द्वारा अभी ६ कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया गया है। इस घटना की जांच के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी महामंत्री अर्जुन के आदेशानुसार जांच समिति का गठन किया गया था। समिति की जांच में पाया गया कि उक्त उत्पन्न विवाद में आपके द्वारा गाली गलौच की गई। साथ ही साथ दूसरे कार्यकर्ताओं को भी माहौल खराब करने के लिए उकसाकर माहौल को और खराब किया गया। जो कि वीडियो में भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। इसके लिए पार्टी की छवि धुमिल हुई है, साथ ही कार्यक्रम में विपरीत प्रभाव भी पड़ सकता है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का संविधान (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के १७ नवंबर २००७ की बैठक में यथा संशोधित) के तहत ७ दिन के अंदर लिखित पक्ष जिला कांग्रेस कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करें। प्रस्तुत पक्ष समाधान कारक नहीं पाए जाने पर ६ वर्षो के लिए पार्टी से निष्कासित किया जा सकता है।
यह पार्टी अंदरूनी मामला है : कांग्रेस प्रवक्ता
इस संबंध में कांग्रेस प्रवक्ता शिशिर द्विवेदी का कहना है कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। ऐसे मामला को उजागर नहीं किया जाता। दिनेश थवाई द्वारा इस संबंध में सोशल मीडिया में उजागर करते हुए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। यह भी गलत बात है। उनसे फिर पार्टी द्वारा सोशल मीडिया में उजागर करने की बात को लेकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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Published on:
08 Nov 2022 08:45 pm
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