
डेंगू के बाद अब स्वाईन फ्लू का खतरा, लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत
जांजगीर-चांपा. जिले में बीते चार महीने में कई लोगों की डायरिया, मलेरिया व डेंगू से मौत हो चुकी है। अब स्वाइन फ्लू का डर लोगों को सता रहा है। क्यों कि बीते सप्ताह जिले के दो मरीज बिलासपुर के सिम्स में इलाज करा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम में बदलाव आते ही स्वाइन फ्लू के वायरस भी सक्रिय हो रहे हैं। यानी ठंड के मौसम में ऐसे बीमारी से एहतियात बरतना पड़ेगा।
डेंगू के मुकाबले के लिए देर से जागे स्वास्थ्य अमले के लिए अब स्वाइन फ्लू की चुनौती का सामना करना होगा। ठंड के दस्तक देते ही जैसे ही तापमान घटेगा और स्वाइन फ्लू के खतरनाक वायरस पनपने लगेंगे। अब अलसुबह और देर रात में ठंड भी लगने लगी है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। पहले से परेशान जनता को डेंगू के डंक के साथ ही स्वाइन फ्लू का भी खतरा सताएगा।
स्वाइन फ्लू का वायरस ठंड में ही सक्रिय होता है। सप्ताह भर पहले मालखरौदा क्षेत्र में एक डेंगू का मरीज मिला था। जिसका बिलासपुर में इलाज चल रहा है। अब तक जिले में दर्जनों डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। अब स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आएंगे। हालांकि पीडि़तों का नाम उजागर नहीं किया जाता, लेकिन ऐसे मरीजों को सिम्स अस्पताल में शिफ्ट किया जाता हैं। जानकारी के मुताबिक जो मरीज जिले हैं वे मालखरौदाए जैजैपुर क्षेत्र के हैं।
सर्दी-खांसी होने पर रहें सतर्क
मौसम के उतार चढ़ाव के बीच लोगों की तबियत बिगड़ रही है। ज्यादातर लोग सर्दी-खांसी से ग्रसित हो रहे हैं। सर्दी-खांसी होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। सांस लेने में तकलीफ होने लगे या तेज बुखार हो तो अस्पताल जाकर जांच कराना चाहिए। क्योंकि ज्यादातर मामले में ऐसी स्थिति स्वाइन फ्लू का संकेत देती है।
यह है लक्षण : डॉ. एके जगत
- बुखार ठंड लगना
- गला खराब होना
- मांसपेशियों में दर्द होना
- सर्दी खांसी आना
- कमजोरी महसूस होना
लोगों को किया जा रहा अलर्ट
स्वाइन फ्लू को लेकर मैदानी अमले को अलर्ट किया गया है। लोगों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है- डॉ. वी जयप्रकाश, सीएमएचओ
Published on:
24 Sept 2018 07:37 pm
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