
अचानक बंदी की तबीयत बिगड़ी, जिला अस्पताल ने सिम्स किया रेफर, मौत
जांजगीर-चांपा. जांजगीर जिला जेल में निरूद्ध बंदी की सिम्स में सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजन प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि जब बंदी बीमार था तो उन्हें सूचना क्यों नहीं दी गई। परिजनों ने बंदी की मौत के अंतिम संस्कार के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने की बात कही है।
गौरतलब है कि बलौदा बाजार जिले के ग्राम साबर सेल निवासी अमरीका सिंह पैकरा को नवंबर में अवैध कच्ची महुआ शराब के साथ पकड़ा गया था। शिवरीनारायण पुलिस ने आरोपी को आबकारी अधिनियम की कार्रवाई कर जेल दाखिल कर दिया था। 15 दिसंबर को उसकी तबीयत खराब थी। 16 दिसंबर को उसकी तबीयत इतनी खराब हुई कि उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे सिम्स रेफर कर दिया। सिम्स में सोमवार को बंदी की मौत हो गई।
मौत के बाद जेल प्रशासन के द्वारा उसके परिजनों को सूचना दी गई। मंगलवार को परिजनों को इसकी सूचना मिलने पर उसके शव को लेने परिजन सिम्स पहुंचे। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन अपने घर ले गए।
पत्नी ने लगाया पुलिस पर गंभीर आरोप
मृतक की पत्नी मालती पैकरा का कहना है कि जब उसके पति का स्वास्थ्य बहुत खराब हुई तो सूचना क्यों नहीं दी गई। महिला का कहना है उसके पति को किसी तरह की गंभीर बीमारी नहीं थी। उसकी संदिग्ध स्थिति में मौत हुई है। मालती ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि जब उसके कब्जे से शराब मिला था तो पुलिस के द्वारा पूरी तरह से छोडऩे के लिए पुलिस के द्वारा 80 हजार रुपए की मांग की गई थी। चूंकि आरोपी बेहद गरीब है तो इतनी रकम देने अक्षम साबित हो गया। इसके बावजूद वह पुलिस को कहीं से 15 हजार रुपए जुगाड़ कर दिया था। फिर भी उसके खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत जुर्म दर्ज कर जेल दाखिल कर दिया गया।
-बंदी की अचानक तबीयत खराब हुई है। उसकी तबीयत खराब होते ही उसके परिजनों को सूचना दी गई। इससे पहले बंदी स्वस्थ था। वह पहले कभी बीमार नहीं पड़ा। उसकी मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद स्पष्ट हो पाएगा। शिव कुमार साहू, सहायत जेल अधीक्षक
Published on:
17 Dec 2019 05:50 pm
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