
किसानों का आरोप है कि उन्हें चैनल में ताला लगाकर बाहर खड़ा करा दिया जाता है। बैंक में पहले, पहुंच वाले लोगों का बैकडोर से काम किया जाता है उसके बाद किसानों की बारी आती है। यदि कोई किसान इसका विरोध करता है तो बैंक मैनेजर उससे मारपीट कर नोडल अधिकारी श्रवण सिंह से बात करने की धमकी देते हैं। बैंक मैनेजर का कहना है कि उनकी पहुंच बैंक में सालों से जमे नोडल अधिकारी से है उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।
इसी बैंक में श्रवण सिंह के छोटे भाई दादूरैय सिंह वसूली अधिकारी हैं और इतने सालों से यहीं जमे है कि गिनने के लिए उंगली कम पड़ जाएंगी। किसानों ने भी अब इस अत्याचार का विरोध करना शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि इस पर कार्यवाही कर सालों से जमे भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला दूसरी जगह किया जाए। इस बारे में बैंक मैनेजर हरीश वर्मा का कहना है कि किसानों के आरोप गलत है। आप मिलकर बात करिएगा अभी मैं ट्रेन में हूं। फोन पर जानकारी नहीं दे पाऊंगा।
- मैं वसूली अधिकारी हूं और फील्ड में रहता हूं। कार्यालय में क्या होता है इससे मेरा कोई लेना देना नहीं है। बैंक मैनेजर मेरे या श्रवण सिंह का नाम लेकर किसी को कुछ कहता है तो यह पूरी तरह से गलत है- दादूरैया सिंह, वसूली अधिकारी, सहकारी बैंक नवागढ़
Published on:
29 Dec 2017 01:09 pm
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