Swami Atmanand School 2025: डीईओ ने फर्जीवाड़ा करने वाले संदिग्ध क्लर्क के खिलाफ कार्रवाई के बजाए शोकाज नोटिस देकर अपने कर्तव्यों से मुक्ति पा ली है।
Swami Atmanand School 2025: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शिक्षक भर्ती मामले में डीईओ ने फर्जीवाड़ा करने वाले संदिग्ध क्लर्क के खिलाफ कार्रवाई के बजाए शोकाज नोटिस देकर अपने कर्तव्यों से मुक्ति पा ली है। यहां बड़ी बात यह है कि उक्त क्लर्क को बचाने के लिए लिपिकवर्गीय संघ भी अपनी पूरा पसीना बहा रहा है। ताकि उक्त क्लर्क के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई न हो।
गौरतलब है कि बीते दिनों स्वामी आत्मानंद स्कूल में 47 पदों में शिक्षक भर्ती हुई थी। जिसमें एक अभ्यर्थी मुस्कान खान ने फर्जीवाड़ा करते हुए डीईओ आफिस के लिपिक किस्लय घृतलहरे से मिलीभगत कर नियुक्ति आदेश जारी करा दी थी। मामले में जब मुस्कान खान की ज्वाइनिंग के समय प्राचार्य ने उक्त शिक्षिका की मार्कशीट की जांच की तो उसने डीएड का कोर्स ही पूरा नहीं की थी। इससे फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।
मामले में जब फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ तो डीईओ ने दस्तावेज चेकिंग करने वाली टीम को केवल शोकाज नोटिस देकर अपने कर्तव्यों से मुक्ति पा ली थी। लेकिन सप्ताह भर बाद जिम्मेदारी संदिग्ध कर्मचारी किस्लय घृतलहरे समेत अन्य तीन कर्मचारियों ने अब तक शोकाज नोटिस का जवाब डीईओ को देना मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में मामला दबते जा रहा है। वहीं इस मामले में बड़े अफसर भी रुचि नहीं ले रहे हैं। इससे दोषी क्लर्क व अन्य कर्मचारियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
जिले में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा शिक्षा विभाग में हो रहा है। इन सभी मामले में डीईओ की भूमिका संदिग्ध है। दोषियों के खिलाफ शिकायत करने के बाद डीईओ शोकाज नोटिस देकर शांत बैठ जाते हैं। ऐसे दर्जनों मामला डीईओ आफिस में लंबित है। आज तक किसी भी मामले में संतोषप्रद कार्र्रवाई नहीं की।