
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- ANI)
Gang Rape Case: विशेष न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट सक्ती ने गैंगरेप के एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को 25-25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड का भी प्रावधान किया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर 6-6 माह अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, प्रार्थी वासुदेव माली (पिता- पुसराम माली, निवासी बसंतपुर थाना डभरा) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 2 सितंबर 2024 को सुबह 10 बजे वह घर से महानदी किनारे स्थित रूद्रनारायण मंदिर पूजा करने गया था। दोपहर करीब 12 बजे लौटते समय गांव के राज माली और संजय माली मिले। उन्होंने बताया कि पीड़िता को बोटलाल माली, गणेश माली और मदन सुन्दर माली जबरदस्ती काफी समय से घर के अंदर ले गए हैं।
प्रार्थी दोनों के साथ तत्काल बोटलाल माली के घर पहुंचा। वहां परछी में बैठे बोटलाल से पूछताछ करने पर वह घबरा गया। तभी कमरा अंदर से मदन सुन्दर माली बेल्ट कसते बाहर निकला और उन्हें देखकर भाग गया। कमरे में प्रवेश करने पर गणेश माली को पीड़िता के साथ जबरन दुष्कर्म (Gang Rape Case) करते हुए पकड़ा गया। प्रार्थी को देखकर वह और बोटलाल माली भी मौके से फरार हो गए। पीड़िता ने पूछताछ में बताया कि तीनों ने मिलकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया है।
रिपोर्ट के आधार पर थाना डभरा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। संपूर्ण विवेचना के बाद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विशेष न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट सक्ती ने सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए 25-25 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
Updated on:
24 Nov 2025 02:12 pm
Published on:
24 Nov 2025 02:12 pm
