
पुल-पुलियों की ऊंचाई कम होने से पुल के ऊपर से बह रह पानी, जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे ग्रामीण
जांजगीर-चांपा. अंग्रेज जमाने में बने पुलों की ऊंचाई बेहद कम है और ऐसे पुल जर्जर भी हो चुके हैं। बारिश के दिनों में ऐसे पुलों के उपर से बारिश का पानी बहता है। इससे ग्रामीण अंचल के लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिले भर में ऐसे पांच दर्ज पुलों की ऊंचाई बढ़ाने के लिए सरकार ने दो साल पहले बजट बनाकर राज्य शासन को भेजा था, लेकिन बजट के अभाव में ऐसे पुलों की ऊंचाई नहीं बढ़ पा रही है या फिर नए सिरे से पुल का निर्माण नहीं हो पा रहा है। अलबत्ता ग्रामीण अंचल के लोगों की समस्या जस की तस बनी हुई है।
कम ऊंचाई के पुल बारिश के दिनों में ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल साबित होता है। पुल पुलियों की ऊंचाई कम होने से बारिश के दिनों में पुल के उपर से पानी बहने लगता है। जिससे क्षेत्र में आवागमन अवरूद्ध हो जाता है। लोगों को तक तक आवागमन में परेशानी होती है जब नदी नालों का जल स्तर कम न हो जाए। ऐसे पुलों की ऊंचाई बढ़ाने या फिर नए पुल का निर्माण करने के लिए ग्रामीण अंचल के लोग उच्चाधिकारियों से मांग करते आ रहे हैं, शासन ने इसके लिए प्रस्ताव भी बनाकर दिया है।
शासन ने दर्जनों नदी नालों के बीच दो साल पहले नए पुल निर्माण के लिए स्वीकृति दे दी है, लेकिन बजट के अभाव में निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते ग्रामीणों की परेशानी बनी हुई है। जिले में तकरीबन दो दर्जन ऐसे पुल हैं जहां से आवागमन करना लोगों के लिए परेशानी का सबब बन जाता है। जमड़ी नाला में बाढ़ की वजह से आसपास के एक दर्जन गावों घिर जाते हैं। बाढ़ की वजह से लोग एक गांव से दूसरे गांव या शहर नहीं जा पाते।
सैकड़ो लोगों को रोजी-रोटी के लिए जद्दोजहद करना पड़ता है। बम्हनीडीह ब्लाक के अंतर्गत जमड़ी नाला अफरीद व पचोरी के बीच के अलावा लखुर्री व बम्हनीडीह के बीच बहती है। नाला जहां-जहां से गुजरी है वहां की पुल की ऊंचाई कम होने की वजह से हल्की बारिश में भी पुल के उपर से पानी बहता है। लोगों को तब परेशानी होती है जब पुल से आवागमन ठप हो जाता है। एक ओर छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए दूर दराज के स्कूल नहीं जा पाते। वहीं रोजमर्रा के लिए की ड्यूटी करने वालों के अलावा नौकरीपेशा लोग गांव में ही घिरे रह जाते हैं। प्राकृतिक आपदा के चलते लोगों को दो जून की रोजी रोटी भी उपलब्ध नहीं हो पाती।
अफसरों व जनप्रतिनिधियों को सौंपे थे ज्ञापन
पुलों की ऊंचाई बढ़ाने एवं सड़क की बदहाली जैसी गंभीर समस्या को लेकर बम्हनीडीह ब्लाक के के भाजपा नेता चेतन दान महंत ने पीडब्ल्यूडी के अफसरों को व अफरीद के अशोक राठौर एवं उनके साथियों ने सक्ती विधायक डॉ. खिलावन साहू को दो साल पहले आवेदन दे चुकेए लेकिन उनकी मांग दफ्तर की फाइल की शोभा बनकर रह गई है। कुछ दिनों पहले विभागीय अधिकारियों ने बताया था कि इसके लिए राज्य शासन से बजट की मांग की गई थी, लेकिन सरकार के बजट नहीं होने से नए पुल निर्माण की स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
बोराई नदी का यही हाल
छपोरा व हसौद के बीच बहने वाली बोराई नदी के पुल के उपर से पांच-छह फीट ऊपर पानी बहता है। इसके कारण नदी पार करना लोगों की बस की बात नहीं रहती। नदी के उपर से पानी बहने से आसपास के दर्जनों गांव घिर जाते हैं। एक दूसरे गांवों से संपर्क टूट जाता है। इसी तरह पुटीडीह नाला के उपर पानी बह रहा है। इससे इस रूट में आवागमन करना मुश्किल हो गया है। लोगों को कम से कम दो तीन दिन तक आवागमन करने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जब तक जल स्तर कम न हो जाए लोगों को घर में ही दुबके रहना पड़ता है।
कम ऊंचाई के पुलों को चिन्हांकित किया गया है। नए पुलों की ऊंचाई बढ़ाने के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। बजट मिलने के बाद ऐसे पुलों की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी या फिर नया सिरे से पुल का निर्माण किया जाएगा- वायके गोपाल, ईई पीडब्ल्यूडी
Published on:
05 Aug 2018 05:20 pm
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