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यहां स्कूल के प्राचार्य पर कार्रवाई के लिए अकेले ही आमरण अनशन कर रहा है युवक, आरोप हैं भ्रष्टाचार के

मुरली ने पत्रिका से बातचीत में कहा सच की लड़ाई है

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मुरली ने पत्रिका से बातचीत में कहा सच की लड़ाई है

मुरली ने पत्रिका से बातचीत में कहा सच की लड़ाई है

जांजगीर-चांपा. पामगढ़ स्थित शासकीय महामाया हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रभारी प्राचार्य राजेंद्र शुक्ला के खिलाफ कार्रवाई को लेकर वहीं के जागरूक नागरिक मुरली मनोहर शर्मा शुक्रवार से जिला मुख्यालय स्थित कचेहरी चौक में आमरण-अनशन पर बैठ गया है। मुरली ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि वह सच की लड़ाई के लिए बैठा है।

उसके सामने जब तक प्रशासनिक अधिकारी यह आश्वासन नहीं दे देते कि वह डीएलएड परीक्षा के दौरान महामाया विद्यालय में हुए नकल के प्रकरण की निष्पक्ष जांच करेंगे और जांच के दौरान प्रभारी प्राचार्य का दूसरे जिले में स्थानांतरण नहीं कर देते,

तब तक वह आमरण अनशन से नहीं उठेगा। मुरली का आरोप है कि डीएलएड परीक्षा के दौरान उसका सेंटर शासकीय महामाया विद्यालय था। वही पर विद्यालय के प्रभारी प्रचार्य राजेंद्र शुक्ला की पत्नी भी परीक्षा में बैठी थी। इस वजह से उसने पूरे स्कूल के सभी सेंटरों में अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए नकल कराने की छूट दिला दिया था।

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जब यह सब मुरली से देखा नहीं गया तो उसने इसकी शिकायत परीक्षा नियंत्रक व अन्य अध्यापकों से की, लेकिन उन्होंने उसकी बात को नजरंदार कर दिया। इतना ही नहीं जब इस विरोध की जानकारी राजेंद्र शुक्ला को हुई तो उसने मुरली को खुद अपने मोबाइल से फोन कर दावा किया वह स्कूल में जितने बार भी परीक्षा होगी उतने बार नकल कराएगा।

रही बात उसकी पत्नी की तो अगली बार वह प्राचार्य कक्ष में बैठाकर उसको नकल करवाएगा। उससे उसे कोई नहीं रोक सकता है। इससे साफ है कि लगभग 10 सालों से इस स्कूल में पदस्थ राजेंद्र शुक्ला की पहुंच की जड़ें इतनी मजबूत हो चुकी हैं कि उसे न तो कोई वहां से हटा सकता है और वह जो चाहे स्कूल में कर सकता है। जबकि नियम की बात की जाए तो छग शासन के नियमानुसार कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी तीन साल से अधिक समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ नहीं रह सकता है।